आज का एक्सप्लेनर:बांग्लादेशी जोड़े की किस ‘अनैतिक हरकत’ पर सऊदी ने सजा-ए-मौत दी, लड़की का असली नाम स्वीटी, परिवार उसे जिंदा क्यों बता रहा

मक्का की मस्जिद में ‘अनैतिक हरकत’ के आरोप में सऊदी अरब ने दो बांग्लादेशी नागरिकों को मौत की सजा दी- 22 साल का नजरुल इस्लाम और 25 साल की सिटी अख्तर। अब दोनों के बारे में नई बातें सामने आई हैं।

क्या है नजरुल और सिटी की कहानी, मौत की सजा क्यों दी गई और सऊदी अरब साफतौर पर कुछ बता क्यों नहीं रहा; जानेंगे आज के एक्सप्लेनर में…

सवाल-1: सिटी अख्तर के बारे में क्या-क्या पता चला? जवाबः 14 अक्टूबर को सऊदी अरब की मीडिया ने मौत की सजा पाई महिला का नाम सिटी अख्तर बताया था। हालांकि बांग्लादेश के ब्यूरो ऑफ मैनपावर एम्पलॉयर एंड ट्रेनिंग, यानी BMET के मुताबिक, सजा पाने वाली लड़की का नाम सिटी अख्तर नहीं, बल्कि स्वीटी अख्तर है। वो टंगाइल जिले के माहेर छावली गांव की रहने वाली थी।

स्वीटी की पैदाइश 11 अगस्त 2001 की है। वो 5 बहनों में सबसे छोटी थी। पिता फजल मिया दिहाड़ी मजदूर हैं। उन्होंने बांग्लादेशी मीडिया को बताया कि 5 साल पहले उन्होंने स्वीटी की शादी की, लेकिन दो साल बाद तलाक हो गया।

5 फरवरी 2023 को रिक्रूटमेंट एजेंसी एस राणा ट्रेडिंग इंटरनेशनल के जरिए स्वीटी को सऊदी जाने का इमिग्रेशन क्लीयरेंस मिला। वो सऊदी में ‘अल मजल अल अरबी ग्रुप’ नाम की कंपनी के लिए काम करने लगी। वह मक्का की मस्जिद में सफाई का काम करती थी।

6 महीने बाद परिवार को पता चला कि स्वीटी जेल में है। वह जेल से हर 15-20 दिन में फोन करती थी।

स्वीटी की बड़ी बहन ब्यूटी के मुताबिक, ‘एक बार उसने बताया कि एक ही कमरे में कई लड़कियां रहती हैं। उन लोगों ने गैरकानूनी तरीके से गाड़ी खरीदी। इसीलिए मालिक ने सभी को अरेस्ट करवा दिया था। इसके बाद क्या हुआ, कुछ नहीं बताया।’

हालांकि बांग्लादेशी अखबार ‘द डेली स्टार’ को बांग्लादेशी वाणिज्य दूतावास से मिली कैदियों की लिस्ट के मुताबिक, स्वीटी को 2 अगस्त 2023 को हिरासत में लिया गया। उसके खिलाफ व्यभिचार, यानी एडल्टरी का केस दर्ज करके जेद्दा की महिला जेल भेज दिया गया।

स्वीटी के घर वालों के बयान से इस पूरी कहानी में कुछ विरोधाभास भी नजर आते हैं…

  • परिवार का दावा है कि कोई साजिश हुई है। जिस सिटी की तस्वीर मीडिया में चर्चा में है, वो उनकी बेटी से बिल्कुल मेल नहीं खाती। उनकी बेटी स्वीटी सऊदी की जेल में है और जिंदा है।
  • पिता फजल मिया ने कहा, ‘दो साल पहले, साथ की लड़कियों के झगड़े के बाद उसे भी झूठे आरोप में जेल भेज दिया गया। एक साल तक उससे कोई बात नहीं हुई। फिर उसका फोन आने लगा। पिछले मंगलवार, 13 अक्टूबर को मेरी बात हुई थी। उसने बताया कि वह दो महीने बाद घर लौट आएगी। अगले दिन उसकी मौत की खबर आ गई। जो तस्वीर छपी है, वो बेटी से मेल नहीं खाती।’
  • स्वीटी की मां जोहरा बेगम ने कहा, ‘नाम मिलता है, इसीलिए हम रो रहे हैं। मेरी बेटी ने कोई गुनाह नहीं किया था। वो शादीशुदा है, लेकिन उसका न तो पति है और न औलाद। हालांकि सऊदी में कई लोग उसे सिटी के नाम से जानते थे।’
  • स्वीटी की भांजी ने बताया कि अगर उन्हें मौत की सजा मिलने वाली होती, तो जब 13 अक्टूबर को बात हुई, तब वो जरूर बतातीं।

बांग्लादेशी अधिकारियों का कहना है कि अगर मिर्जापुर की स्वीटी को ही मौत की सजा मिली है, तो विदेश मंत्रालय डेड बॉडी के बारे में बताएगा। अभी साफ तौर पर कोई जानकारी नहीं है।

सवाल-2: नजरुल इस्लाम के बारे में क्या पता चला? जवाबः बांग्लादेशी अखबार द डेली स्टार के मुताबिक, नजरुल ब्राह्मणबाड़िया जिले के बीरामपुर गांव के रहने वाले थे। परिवार में पिता अब्दुल बसीर और मां रहीमा के अलावा एक छोटा भाई और दो बहनें हैं।

नजरुल ने 2020 में मदरसे से 10वीं पास की और फिर ब्राह्मणबाड़िया से कॉलेज की पढ़ाई शुरू की। पिता अब्दुल करीब 24 साल तक सऊदी में काम कर चुके थे, लेकिन 2020 में वापस बांग्लादेश लौटे और खेतों में मजदूरी करने लगे।

परिवार की माली हालत ठीक नहीं थी, तो अब्दुल ने 7 लाख बांग्लादेशी टका उधार लेकर नजरूल को सऊदी भेजा। 10 नवंबर 2022 को नजरुल सऊदी पहुंचे और उसी ‘अल मजल’ कंपनी के लिए काम करने लगे, जहां बाद में स्वीटी पहुंची।

प्रथम आलो अखबार के मुताबिक, नजरुल को मस्जिद अल-हरम, यानी काबा वाली मक्का की प्रमुख मस्जिद में सफाई के काम पर लगाया गया। शुरुआती 8 महीनों में नजरुल ने करीब 1.5 लाख टका घर भेजे थे।

‘ड डेली स्टार’ के मुताबिक, 1 अगस्त 2023 को नजरुल को साइबर क्राइम के आरोप में गिरफ्तार करके जेद्दा की करेक्शनल फैसिलिटी, यानी सुधार गृह भेज दिया गया।

परिवार को नजरुल की गिरफ्तारी की जानकारी करीब एक महीने बाद मिली। रहीमा बेगम ने बताया, ‘तब बेटे ने फोन पर बताया था कि ये लोग शायद जेल में रखेंगे, फिर छोड़ देंगे। उसने ये नहीं बताया कि उसे गिरफ्तार क्यों किया गया था।’

नजरुल ने करीब 3 साल, 3 महीने जेल में बिताए। आखिरी बार, 11 अक्टूबर, यानी सजा से 3 दिन पहले करीब ढाई मिनट घर वालों से बात की, लेकिन ये नहीं बताया कि उसे सजा होने वाली है।

हालांकि नजरुल के परिवार के एक व्यक्ति ने बताया कि आखिरी दिनों में उसने एक महिला के साथ अफेयर की बात कही थी। अब्दुल के मुताबिक, नजरुल अविवाहित था और वो लोग स्वीटी अख्तर को पहले से नहीं जानते थे। गांव के पड़ोसियों के मुताबिक, नजरुल शांत स्वभाव का था।

14 अक्टूबर की शाम परिवार को सऊदी अरब से फोन करके बताया गया कि नजरुल को सजा दे दी गई है। खबर सुनकर नजरुल की बुआ आबेदा बेहोश हो गईं और उसी रात उनकी मौत हो गई।

रिश्तेदारों का ये भी दावा है कि काम के दौरान नजरुल का किसी पाकिस्तानी से विवाद हुआ था। इसी के चलते नजरुल को फंसाया गया।

द डेली स्टार के मुताबिक, ये नजरुल की तस्वीर है। नजरुल बाकी सफाई कर्मचारियों के साथ मक्का की मुख्य मस्जिद में बैठा दिख रहा है। पीछे मक्का की मुख्य मस्जिद अल-हरम का काबा नजर आ रहा है।

द डेली स्टार के मुताबिक, ये नजरुल की तस्वीर है। नजरुल बाकी सफाई कर्मचारियों के साथ मक्का की मुख्य मस्जिद में बैठा दिख रहा है। पीछे मक्का की मुख्य मस्जिद अल-हरम का काबा नजर आ रहा है।

सवाल-3: दोनों को किस ‘अनैतिक’ हरकत के लिए मौत की सजा दी गई? जवाबः सऊदी अरब ने ये नहीं बताया कि दोनों ने क्या ‘अनैतिक हरकत’ की, किस अपराध का मुकदमा चला और सुनवाई कैसे हुई। मौत कैसे दी गई ये भी नहीं बताया।

डेली स्टार के मुताबिक, सऊदी के पश्चिमी इलाके में 306 बांग्लादेशी कैदी हैं। इनमें से 147 को एक महीने से लेकर 15 साल तक की सजा सुनाई गई है। इनमें साइबर क्राइम के 3 मामले हैं। इनमें 6 महीने से 5 साल तक कैद हो सकती है। पूरी लिस्ट में सिर्फ 97 कैदियों के अपराध के बारे में जानकारियां हैं, लेकिन नजरुल और स्वीटी के कॉलम के आगे कुछ नहीं लिखा है।

सऊदी अरब के गृह मंत्रालय के मुताबिक, दोनों को मक्का की ‘एक मस्जिद’ में अनैतिक कृत्य करते हुए पकड़ा गया। जांच के बाद आरोप तय हुए।

प्रथम आलो के मुताबिक, जेद्दा की एक अदालत में महीनों तक सुनवाई चली। फिर जज ने मौत की सजा सुनाते हुए कहा कि इन्होंने न सिर्फ सामाजिक नियम तोड़े, बल्कि मस्जिद जैसी पवित्र जगह और समय की मर्यादा का अपमान किया।

ऊंची अदालत ने भी फैसला बरकरार रखा। फिर सऊदी के शाह सलमान बिन अब्दुलअजीज अल सऊद का शाही आदेश जारी होने के बाद दोनों को ‘ताजीर’, यानी यानी जज के विवेक के हिसाब से सजा दी गई।

दरअसल, सऊदी की अदालतें शरिया के तहत 3 तरह से सजा तय करती हैं…

  1. शरिया में जिन अपराधों के लिए कुरान या हदीस में सजा तय है, उन्हें ‘हद्द’, यानी तय सजा कहते हैं। हद्द में डकैती और शादीशुदा व्यक्ति के व्यभिचार करने जैसे मामलों में मौत की सजा है।
  2. हत्या के मामले में, किसास, यानी बदले में मौत की सजा मिलती है। हालांकि अगर पीड़ित का परिवार चाहे, तो ‘ब्लड मनी’, यानी मुआवजा लेकर अपराधी को माफ कर सकता है।
  3. ताजीर, यानी जज के विवेक से जुर्म और सजा तय होती है। इसमें ऐसे अपराध आते हैं, जिनकी सजा कुरान-हदीस में तय नहीं है या जिनमें हद्द की सबूत की शर्तें पूरी नहीं होतीं। सऊदी में ज्यादातर मामले ताजीर के तहत ही आते हैं।

सवाल-4: सऊदी अरब पर क्यों उठ रहे हैं सवाल? जवाबः इसकी 3 बड़ी वजहें हैं…

1. बांग्लादेशी दूतावास को खबर नहीं दी

  • वियना कन्वेंशन ऑन कॉन्सुलर रिलेशंस, 1963 के आर्टिकल 36 के मुताबिक, विदेशी नागरिक को गिरफ्तार करने, मुकदमा चलाने या सजा देने पर उसके देश के दूतावास को तुरंत जानकारी देनी होती है, ताकि उसे कानूनी मदद मिल सके।
  • जेद्दा के बांग्लादेशी दूतावास ने कहा कि उन्हें न तो मुकदमे की जानकारी दी गई और न मौत की सजा की।
  • बांग्लादेश के विदेश मंत्रालयों के अधिकारियों के मुताबिक, सऊदी आमतौर पर बांग्लादेशियों को इतनी जल्दी सजा नहीं देता, लेकिन इस बार रवैया हैरान करने वाला है।

2. आरोप साफ नहीं, अपराध से कहीं बड़ी सजा

  • सऊदी अरब ने साफ तौर पर नहीं बताया कि आरोपियों ने क्या ‘अश्लील हरकत’ की, सबूत क्या थे।
  • UN ह्यूमन राइट्स कमेटी के मुताबिक, मौत की सजा केवल ‘सबसे गंभीर अपराधों’ में ही दी जा सकती है।
  • सार्वजनिक या धार्मिक जगह पर अश्लीलता के मामले में भारत में अधिकतम 3 साल, बांग्लादेश में 2 साल और पाकिस्तान में 10 साल जेल और जुर्माने की सजा हो सकती है।

3. सजा का लिखित कानून नहीं

  • सऊदी अरब में भारत की तरह अपराध और सजा के लिए BNS जैसा लिखित कानूनों का कोई दस्तावेज नहीं है।
  • ह्यूमन राइट्स वॉच ने 2022 में कहा था कि सऊदी में दंड संहिता न होने से मनमाने आरोपों का चलन है। जब लिखित कानून ही नहीं है, तो लोगों को पता ही नहीं होता कि किस आरोप में क्या सजा मिल सकती है
  • एमनेस्टी इंटरनेशनल के मुताबिक, सऊदी में विदेशी आरोपियों को निष्पक्ष सुनवाई में मुश्किलें आती हैं।

Related Posts

पाकिस्तान के करीब जा रहे मालदीव राष्ट्रपति, विपक्ष ने चेताया:कहा- भारत को खतरा लगा तो नतीजा भुगतना पड़ेगा; मुइज्जू ने PAK से 20 समझौते किए
  • October 28, 2026

मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के पाकिस्तान से बढ़ते रिश्तों पर देश में विरोध शुरू हो गया है। मुइज्जू 20 से 22 अक्टूबर तक पाकिस्तान के दौरे पर थे। इस…

Read more

Continue reading
रिपोर्ट-हूती को हमला न करने के बदले पैसे देगा सऊदी:ईरान-पाकिस्तान के जरिए मध्यस्थता हो रही; रक्षा मंत्री 1 अरब डॉलर लेकर तेहरान पहुंचे
  • October 27, 2026

सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच पिछले 3 महीने से जंग चल रही है। हूती विद्रोहियों ने सऊदी के कई तेल ठिकानों और एयरपोर्ट्स पर हमले किए हैं। अब…

Read more

Continue reading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

विमेंस प्रीमियर लीग का मिनी ऑक्शन आज:146 खिलाड़ियों पर लगेगी बोली, यूपी वॉरियर्स के पास सबसे ज्यादा पैसा; 6 प्लेयर्स, जिनपर रहेगी नजरें

  • October 28, 2026
विमेंस प्रीमियर लीग का मिनी ऑक्शन आज:146 खिलाड़ियों पर लगेगी बोली, यूपी वॉरियर्स के पास सबसे ज्यादा पैसा; 6 प्लेयर्स, जिनपर रहेगी नजरें

अनंत की स्पीच पर भावुक हुए मुकेश अंबानी:जियो शेयर लिस्टिंग के इवेंट में परिवार के साथ मौजूद थे; देश की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी बनी

  • October 28, 2026
अनंत की स्पीच पर भावुक हुए मुकेश अंबानी:जियो शेयर लिस्टिंग के इवेंट में परिवार के साथ मौजूद थे; देश की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी बनी

करवा चौथ- सरगी की थाली कैसे बनाएं:क्या खाएं कि दिन में थकान और कमजोरी न हो, हेल्दी सरगी के 4 ऑप्शन, बता रही हैं डाइटीशियन

  • October 28, 2026
करवा चौथ- सरगी की थाली कैसे बनाएं:क्या खाएं कि दिन में थकान और कमजोरी न हो, हेल्दी सरगी के 4 ऑप्शन, बता रही हैं डाइटीशियन

करवा चौथ– यूनीक ज्वेलरी और मेकअप से निखारें अपना लुक:ट्रेंडिंग मेहंदी डिजाइन, सेलिब्रिटी साड़ियां और ज्वेलरी के बजट ऑप्शन

  • October 28, 2026
करवा चौथ– यूनीक ज्वेलरी और मेकअप से निखारें अपना लुक:ट्रेंडिंग मेहंदी डिजाइन, सेलिब्रिटी साड़ियां और ज्वेलरी के बजट ऑप्शन

पाकिस्तान के करीब जा रहे मालदीव राष्ट्रपति, विपक्ष ने चेताया:कहा- भारत को खतरा लगा तो नतीजा भुगतना पड़ेगा; मुइज्जू ने PAK से 20 समझौते किए

  • October 28, 2026
पाकिस्तान के करीब जा रहे मालदीव राष्ट्रपति, विपक्ष ने चेताया:कहा- भारत को खतरा लगा तो नतीजा भुगतना पड़ेगा; मुइज्जू ने PAK से 20 समझौते किए

MLC चुनाव- BJP काशी हारी, UP की 5 सीटें जीती:कांग्रेस सरकार वाले कर्नाटक में NDA का क्लीन स्वीप; 4 राज्यों की 28 सीटों पर काउंटिंग

  • October 28, 2026
MLC चुनाव- BJP काशी हारी, UP की 5 सीटें जीती:कांग्रेस सरकार वाले कर्नाटक में NDA का क्लीन स्वीप; 4 राज्यों की 28 सीटों पर काउंटिंग