
ट्रम्प ने नोबेल शांति पुरस्कार नहीं मिलने पर एक बार फिर नाराजगी जताई है। उन्होंने शुक्रवार को कहा कि यह पुरस्कार उन्हें नहीं देकर नॉर्वे ने अपने ऊपर ऐसा दाग लगा लिया है, जो कभी नहीं मिटेगा।
ट्रम्प ने इस फैसले को शर्मनाक और अपमानजनक बताते हुए कहा कि उन्हें हर जंग रोकने के लिए आठ बार पुरस्कार मिलना चाहिए था।
इस साल नोबेल शांति पुरस्कार दक्षिण अफ्रीका की पूर्व UN मानवाधिकार प्रमुख नवी पिल्लै को दिया गया है। ट्रम्प ने कहा कि उन्हें कोई नहीं जानता।
ट्रम्प बोले,
नोबेल पुरस्कार आज एक लिबरल को दिया गया, जो संयुक्त राष्ट्र में काम करती हैं और जिनके बारे में किसी ने नहीं सुना।
नवी पिल्लै बोलीं- शायद मैं अपना पुरस्कार ट्रम्प के साथ बांट लूं
नॉर्वे की नोबेल समिति ने 2026 का शांति पुरस्कार भारतवंशी नवनीतम नवी पिल्लै को देने का ऐलान किया।
पुरस्कार मिलने के बाद उन्होंने ट्रम्प पर मजाकिया अंदाज में तंज कसा। जब उनके साथियों ने तालियां बजाईं, तो पिल्लै ने मजाक में कहा, “अगर आप थोड़ी और तालियां बजाएंगे, तो शायद मैं यह पुरस्कार ट्रम्प के साथ बांट लूं।”
ट्रम्प को इससे पहले वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरीना मचाडो ने अपना नोबेल दिया था। मचाडो को 2025 का यह पुरस्कार लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए उनके काम के लिए दिया गया था। बाद में उन्होंने व्हाइट हाउस में ट्रम्प से मुलाकात की और उन्हें अपना नोबेल मेडल दिया।
हालांकि, इससे नोबेल पुरस्कार ट्रम्प को नहीं मिला। पुरस्कार मचाडो के पास ही रहा। नोबेल समिति के मुताबिक, पुरस्कार किसी दूसरे व्यक्ति को ट्रांसफर, साझा या वापस नहीं किया जा सकता।

नोबेल पुरस्कार मिलने के बाद पिल्लै का रिएक्शन
4 अमेरिकी राष्ट्रपतियों को नोबेल मिल चुका है
अब तक चार अमेरिकी राष्ट्रपतियों को नोबेल शांति पुरस्कार मिल चुका है। इनमें थियोडोर रूजवेल्ट, वुडरो विल्सन, जिमी कार्टर और बराक ओबामा शामिल हैं।
बराक ओबामा को 2009 में यह पुरस्कार मिला था। वह राष्ट्रपति पद के पहले साल में थे। ट्रम्प ओबामा को मिले पुरस्कार से खास तौर पर नाराज रहे हैं।
ट्रम्प ने कहा था कि ओबामा को यह पुरस्कार मिलने की वजह उन्हें खुद भी पता नहीं थी। ट्रम्प ने कहा,
ओबामा को सिर्फ 8 महीने में यह मिल गया जबकि उन्होंने कुछ किया भी नहीं था। ओबामा को भी आज तक पता नहीं है कि उन्हें यह किसलिए मिला था।
नॉर्वे की नोबेल समिति ने ओबामा को दूसरे देशों से बातचीत बढ़ाने और दुनिया को परमाणु हथियारों से मुक्त करने की उनकी कोशिशों के लिए चुना था।
हालांकि, ओबामा को इतने कम समय में पुरस्कार देने का फैसला उस समय भी चर्चा और विवाद का विषय बना था।
2026 नोबेल शांति पुरस्कार की विजेता के बारे में जानिए…
दक्षिण अफ्रीका में जन्मीं पिल्लै ने रंगभेद के खिलाफ लड़ने वाले नेल्सन मंडेला समेत कई लोगों की मदद की थी।
पिल्लै को युद्ध अपराध और नरसंहार के दोषियों को सजा दिलाने और अंतरराष्ट्रीय कानून को मजबूत करने के प्रयासों के लिए यह सम्मान दिया गया है।
नोबेल समिति ने कहा कि दुनिया में युद्ध और संघर्ष बढ़ रहे हैं। ऐसे में शांति बनाए रखने के लिए अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करना और उसे मजबूत करना बेहद जरूरी है।










