
राज्य निर्वाचन आयोग ने जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के के चुनावों के लिए नामांकन पत्र भरने के नए निर्देश जारी किए हैं, जिसमें उम्मीदवारों को खास सावधानी बरतने को कहा गया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी राजेश वर्मा ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं।
जिला निर्वाचन अधिकारी हरफूल सिंह यादव के अनुसार, नामांकन पत्र (प्ररूप 4क) और प्ररूप 4घ में सभी जानकारी भरना अनिवार्य है। प्ररूप 4घ में आपराधिक मामलों, दोषसिद्धि और संपत्ति का ब्यौरा देना होगा। लंबित मामलों और संपत्ति की जानकारी के लिए 50 रुपये के स्टाम्प पेपर पर एक प्रमाणित शपथ पत्र (उपाबन्ध-1ए) भी देना होगा।
यदि कोई कॉलम खाली रहता है या नया शपथ पत्र नहीं दिया जाता है, तो नामांकन रद्द हो जाएगा। हस्तलिखित नामांकन पत्र स्वीकार नहीं होंगे। अभ्यर्थियों के घर में स्वच्छ शौचालय होना जरूरी है, जिसके लिए घोषणा पत्र देना होगा। चरित्र प्रमाण पत्र या ‘नो-ड्यूज’ प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं होगी, अगर कोई राशि बकाया न हो।
राशि जमा करवाने की रसीद साथ लगानी अनिवार्य जिला परिषद व पंचायत समिति सदस्य चुनाव के लिए सामान्य वर्ग हेतु जमानत राशि 500 रुपए निर्धारित की गई है, जबकि महिला, अनुसूचित जाति, जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए यह राशि 250 रुपए है। राशि जमा करवाने की रसीद साथ लगानी अनिवार्य है। यदि एससी, एसटी या ओबीसी वर्ग का व्यक्ति सामान्य वार्ड से चुनाव लड़ता है और जमानत राशि में रियायत चाहता है, तो राजस्थान सरकार द्वारा अधिकृत किसी अधिकारी द्वारा जारी जाति प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना आवश्यक होगा। नाम निर्देशन पत्र के साथ सांख्यिकी सूचना के फॉर्म को भी भरा जाना है। कोई भी पुरुष अभ्यर्थी महिला के लिए आरक्षित किसी भी वार्ड से नाम निर्देशन पत्र दाखिल करने का हकदार नहीं होगा।









