
करवर कस्बे में विजयादशमी पर रामलीला के तहत भगवान श्रीराम की शोभायात्रा निकाली गई। यह शोभायात्रा केशव चौक से शुरू होकर प्रमुख रास्तों से होते हुए केशव रंगमंच पहुंची। इसमें भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, विभीषण, हनुमान जी और वानर सेना शामिल थी। बैंड-बाजों, अखाड़ा प्रदर्शन और आतिशबाजी ने कार्यक्रम की रौनक बढ़ाई।

रावण दहन से बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया गया।
रामलीला स्थल पर गणेश जी और श्रीराम की आरती के साथ कार्यक्रम शुरू हुआ। इसके बाद श्रीराम और रावण के युद्ध का मंचन हुआ। श्रीराम ने रावण का वध किया, जिसके बाद उसके पुतले का दहन किया गया। इस दौरान ‘जय श्रीराम’ के जयकारे लगे। रावण दहन से बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया गया।
रावण दहन के बाद भगवान श्रीराम के अयोध्या लौटने और राज्याभिषेक का प्रसंग दिखाया गया। श्रीराम का राजतिलक कर रामराज्य की कल्पना को दर्शाया गया, जिसमें न्याय और प्रजा के सुख को सबसे ऊपर रखा गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।







