
महाराजा अग्रसेन जयंती पर करवर में जैन समाज ने शोभायात्रा निकाली। इसमें कई महिला-पुरुष और युवा शामिल हुए। शोभायात्रा जैन धर्मशाला से शुरू होकर तालाब की पाल, बस स्टैंड, केशव चौक और मुख्य बाजार से गुजरी। यह वापस जैन धर्मशाला पर खत्म हुई।
इस दौरान शोभायात्रा में बैंड-बाजे, घोड़ियों पर सवार घुड़सवार हाथों में ध्वज लिए चल रहे थे। महाराजा अग्रसेन की झांकी भी इसमें शामिल थी। महिला-पुरुष और युवा बैंड-बाजे की धुन पर नाचते हुए महाराजा अग्रसेन के जयकारे लगा रहे थे। रात में जैन धर्मशाला में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुए, जिसमें कई प्रस्तुतियां दी गईं।









