
भरतपुर में पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना हत्याकांड में खुलासा हुआ है कि पूर्व विधायक को अपनी हत्या की आशंका था। इसलिए उन्होंने कुछ दिन पहले ही 30 सिक्योरिटी गार्ड रख थे।
रविवार (11 अक्टूबर) शाम को हमले के समय ये सभी गार्ड क्रेशर पर थे। जैसे ही ग्रामीणों ने हमला किया, ये लोग मौके से भाग गए।
वहीं, ग्रामीणों का दावा है कि भड़ाना की हत्या से पहले गांव में एक सीक्रेट मीटिंग भी हुई थी। जिसमें हमलावरों ने कहा था-‘ उसका तो काल आ गया है, मरना है उसे तो।’
वहीं, एसपी राजेश मीणा का कहना है कि जब भी विधायक लीज पर जाते थे पुलिस को जानकारी देते थे, घटना वाले दिन उन्होंने जानकारी नहीं दी।
हमले के सीसीटीवी फुटेज अब भी पूर्व विधायक की पत्नी के पास हैं। अधिकारियों का कहना है कि उन्हें देखने के बाद ही पता लगेगा की हमले के दौरान क्या-क्या हुआ?

हमले में पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना गंभीर घायल हो गए थे। इलाज के दौरान एसएमएस अस्पताल में दम तोड़ा।
सिक्योरिटी में थे, फिर भी छोड़कर भागे
पुलिस ने सिक्योरिटी के लिए रखे गए कुछ युवकों से पूछताछ की है। उन्होंने बताया कि पूर्व विधायक अतर सिंह के लीज पर आने के कुछ दिन पहले से इन लोगों का लीज पर आना शुरू हुआ था।
कुछ दिन पहले हुए विवाद के दौरान भी वे अतर सिंह के साथ ही थे। वे साथ में लाठी-सरिए जैसे हथियार भी रखते थे। रविवार शाम को अचानक भीड़ ऑफिस और घर में घुस गई थी। भीड़ के पास हथियार थे और वे पत्थरों से भी हमला कर रहे थे।
इसलिए वे सभी वहां से निकल गए थे।
गांव में सीक्रेट मीटिंग का दावा, 20 लोग मौजूद थे
कुछ ग्रामीणों ने बताया कि भड़ाना के लीज शुरू करने की जिद के कारण विवाद बढ़ गया था। इस लीज से निकलने वाले रास्ते को बंद करने के कारण ग्रामीण नाराज थे। उनके डंपर-ट्रैक्टरों को भड़ाना इस रास्ते पर आने से रोक रहे थे।
हमला करने से पहले गांव में एक सीक्रेट मीटिंग हुई थी। इसमें करीब 20 लोग मौजूद थे। हालांकि, पुलिस ने ऐसी किसी मीटिंग और उसमें हत्या की साजिश को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

भरतपुर के बयाना में क्रेशर के पास खान के पास दो कमरों का एक ऑफिस है। ऑफिस में भी तोड़फोड़ की गई।
अब भी डीवीआर का इंतजार कर रही पुलिस
भरतपुर पुलिस को पूर्व विधायक की पत्नी से सीसीटीवी फुटेज के लिए डीवीआर मिलने का इंतजार है। डीवीआर मिलने के बाद स्पष्ट हो जाएगा कि फायरिंग किस पक्ष की ओर से की गई।
भरतपुर पुलिस ने हमले में शामिल 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। उन्होंने पुलिस पूछताछ में 35 से 40 लोगों का नाम लिया है। ये सभी लोग भौंडा गांव के रहने वाले हैं।
पुलिस टीम डीवीआर लेने के लिए पूर्व विधायक के परिवार से संपर्क में है। क्राइम सीन पर 15 से अधिक सीसीटीवी लगे थे।
फायरिंग का भी आरोप
पूर्व विधायक की पत्नी कमलेश ने एफआईआर में बताया कि घटना वाले दिन ग्रामीणों ने उनपर हमला किया और फायरिंग की। उनके पति के सिर पर हथियार से दाहिनी तरफ वार किया, जिससे खून की बौछार निकलने लगी।
इसके बाद गगन, पूरनसिंह व प्रदीप बचाने आए तो हमलावरों ने उनके साथ भी मारपीट शुरू कर दी। मारपीट में गगन व प्रदीप घायल हुए।
कमलेश ने रिपोर्ट में बताया कि हमलावरों ने उसे और अन्य कर्मचारियों को जिंदा जलाने के लिए मकान में आग लगा दी थी। पीड़ित परिवार की ओर से दी गई एफआईआर में 64 लोग नामजद हैं और दो अज्ञात बताए गए हैं।

हमले में पूर्व विधायक की मौत के बाद भौंडा गांव के सभी पुरुष फरार है। गांव में सिर्फ महिलाएं हैं।
कारतूस का हत्याकांड से क्या कनेक्शन?
अतर सिंह भड़ाना की लीज पर जिस जगह हमला हुआ,वहां से पुलिस और एफएसएल को दो खोल मिले हैं। इस से मौके पर दो फायर होने की पुष्टि हुई है। फायरिंग किस ने की थी इस सवाल का जवाब अभी तक पुलिस के पास नहीं है।
हालांकि एफआईआर में पूर्व विधायक की पत्नी ने ग्रामीणों पर फायरिंग का आरोप लगाया है। पुलिस को मिले खोल देसी पिस्टल के होना बताया जा रहा है। ऐसा भी माना जा रहा है कि आपसी मुठभेड़ के दौरान किसी बचाव के लिए हवाई फायरिंग की थी।










