
देईखेड़ा क्षेत्र के करीब दो दर्जन गांवों में ERCP नहर परियोजना से सिंचाई का पानी देने की मांग तेज हो गई है। शुक्रवार को टेल क्षेत्र के किसानों और जनप्रतिनिधियों ने लबान छप्पन जी के बाग में बैठक की। इसमें संघर्ष समिति बनाने का प्रस्ताव लिया गया।
किसानों ने बताया कि अभी चंबल की कोटा बैराज परियोजना की नहरों से उन्हें समय पर और पर्याप्त पानी नहीं मिलता। हर साल सिंचाई के लिए आंदोलन करने पड़ते हैं, तब जाकर पानी पहुंचता है। इससे खेती पर असर पड़ता है।
किसानों का कहना है कि ERCP नहर से टेल क्षेत्र के गांवों को पानी मिले, तो उनकी सालों पुरानी समस्या का स्थायी समाधान हो जाएगा। इससे उन्हें बार-बार आंदोलन नहीं करना पड़ेगा।
बैठक में किसानों ने नहर से पानी देने, जल वितरण व्यवस्था सुधारने और अपनी मांग अधिकारियों तक पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने मांग पूरी होने तक सामूहिक प्रयास जारी रखने की बात कही।









