गोल्डी ने कहा था- घर गिरा दो, वापस नहीं आऊंगा:लॉरेंस के साथ गैंगस्टर बना, अमेरिका को तलाश; पंजाब में घर खाली, परिवार गायब

‘गोल्डी के पिता ने उससे कहा था- तू वापस आ जा, घर खाली पड़ा है, लेकिन वो आने को राजी नहीं था। उसने कहा- घर गिरा दो, वापस नहीं आऊंगा।’

ये किस्सा पंजाब के श्री मुक्तसर साहिब में रह रहे गोल्डी बराड़ के पुराने पड़ोसी बताते हैं। अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने 28 सितंबर 2026 को कनाडा बेस्ड भारतीय गैंगस्टर गोल्डी को 10 मोस्ट वॉन्टेड भगोड़ों की लिस्ट में शामिल किया है। उसकी गिरफ्तारी में मदद करने या जानकारी देने वाले को 10 लाख अमेरिकी डॉलर, यानी 9.4 करोड़ रुपए का इनाम दिया जाएगा।

भारत सरकार पहले ही गोल्डी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर चुकी है। उसे UAPA के तहत आतंकवादी घोषित किया जा चुका है। इसके अलावा, कनाडा के टॉप 25 मोस्ट वॉन्टेड लिस्ट में भी उसका नाम शामिल है।

FBI के मुताबिक, गोल्डी बराड़ और गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई ने जून 2023 में कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया में एक गुरुद्वारे के बाहर खालिस्तान समर्थक हरदीप सिंह निज्जर की हत्या करवाई थी। रिपोर्ट में लिखा है कि गोल्डी नॉर्थ अमेरिका में गैंग का ऑपरेशन लीड करता है।

FBI के मुताबिक, गोल्डी बराड़ और गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई ने जून 2023 में कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया में एक गुरुद्वारे के बाहर खालिस्तान समर्थक हरदीप सिंह निज्जर की हत्या करवाई थी। रिपोर्ट में लिखा है कि गोल्डी नॉर्थ अमेरिका में गैंग का ऑपरेशन लीड करता है।

दैनिक भास्कर की टीम श्री मुक्तसर साहिब में गोल्डी के घर और उसके गांव बुर्ज हरिका पहुंची। उसके परिवार के लोगों ने बातचीत में क्या बताया, पढ़िए पूरी खबर…

गोल्डी का नाम लेते ही चुप हो गए लोग

दिल्ली से ट्रेन के जरिए हम मुक्तसर साहिब के लिए निकले। आसपास बैठे लोगों से बातचीत में गोल्डी बराड़ का जिक्र हुआ। तभी एक यात्री बोला, ‘गोल्डी के पिता का घर मुक्तसर में है, लेकिन वो यहां का रहने वाला नहीं है। वो फरीदकोट में कोटकपुरा के पास एक गांव का रहने वाला है।‘

हमने कुछ और जानकारी चाही, तो उसने बातचीत बंद कर दी। भटिंडा में ट्रेन से उतरने के बाद हम ट्रैक्सी से मुक्तसर के लिए निकले। ड्राइवर ने कहा- आप पंजाब के नहीं लग रहे। मुक्तसर क्यों जा रहे हैं?

हमने बताया कि गुरुद्वारा देखने जा रहे हैं। फिर गोल्डी बराड़ का नाम लेते ही उसका लहजा बदल गया। उसने कहा, ‘भाई, गोल्डी के चक्कर में मत पड़ो। उसका नेटवर्क बहुत बड़ा है।’

ड्राइवर ने बताया कि पहले यहां लोग गोल्डी के बारे में जानते भी नहीं थे। सिंगर सिद्धू मूसेवाला के मर्डर के बाद वो चर्चा में आया। इसके बाद ड्राइवर ने गोल्डी के बारे बात नहीं की। उसने कहा कि वो मुश्किल में नहीं पड़ना चाहता। रात करीब 9:30 बजे हम मुक्तसर पहुंचे।

5 हजार वर्गफुट में बना मकान, आसपास CCTV कैमरे

अगले दिन सुबह हम मुक्तसर के आदेश नगर पहुंचे। यहां गोल्डी का बचपन बीता है। करीब आधे घंटे भटकने के बाद एक डिलीवरी बॉय ने हमें गोल्डी का घर दिखाया। 5 हजार स्क्वायर फीट के प्लॉट में उसका दो मंजिला मकान है। गेट पर ताला नहीं लगा, लेकिन वहां जमी धूल देखकर लग रहा था कि लंबे वक्त से घर पर कोई नहीं आया।

गोल्डी के मकान से लेकर आसपास के सभी घरों में CCTV कैमरे लगे हैं। हर घर में चार-पांच कैमरे हैं। यहीं मिले एक शख्स ने बताया कि सिद्धू मूसेवाला की हत्या से पहले वो गोल्डी को जानता भी नहीं था। इसके बाद ही उसका नाम चर्चा में आया। तभी पता चला कि उसका घर यहां है। तब से बाहरी लोगों का आना-जाना कम हो गया। पहले तो घर के सामने हमेशा पुलिस लगी रहती थी।

श्री मुक्तसर साहिब के आदेश नगर में गोल्डी बराड़ का मकान खाली पड़ा है। ये पॉश इलाका है और यहां सड़क पर कम ही लोग दिखते हैं।

श्री मुक्तसर साहिब के आदेश नगर में गोल्डी बराड़ का मकान खाली पड़ा है। ये पॉश इलाका है और यहां सड़क पर कम ही लोग दिखते हैं।

पिता ने कहा- वापस आ जा, घर खाली पड़ा है, गोल्डी बोला- घर गिरा दो

हमने गोल्डी और उसके परिवार के बारे में जानने के लिए पड़ोसियों के घरों के दरवाजे खटखटाए। बात करने के लिए सिर्फ एक पड़ोसी राजी हुए। पहचान जाहिर न करने की शर्त पर उन्होंने बताया, ‘गोल्डी पास के भाई मस्ताना सिंह स्कूल में पढ़ता था। पढ़ाई में अच्छा था। कबड्डी और हॉकी भी खेलता था। दसवीं में अच्छे नंबरों से पास हुआ था। फिर आगे की पढ़ाई के लिए चंडीगढ़ चला गया।‘

‘गोल्डी के चंडीगढ़ जाने के बाद उसके पिता शमशेर सिंह हमारे घर आया करते थे। बताते थे कि गोल्डी के बिना घर में मन नहीं लगता। वे भी पत्नी के साथ चंडीगढ़ शिफ्ट होने की तैयारी में थे। कहते थे- इससे गोल्डी पढ़ भी लेगा और हमारा मन भी लगा रहेगा।’

पड़ोसी पुरानी बातें याद करते हुए कहते हैं कि अगर शमशेर ने तब मन की सुन ली होती और चंडीगढ़ शिफ्ट हो जाते, तो शायद आज हालात अलग होते। शमशेर पुलिस की नौकरी में थे। 55 की उम्र में ही उन्हें जबरदस्ती रिटायर कर दिया गया।

हमने पूछा कि चंडीगढ़ जाने के बाद गोल्डी की जिंदगी में क्या बदला। इस पर उन्होंने छात्र राजनीति और लॉरेंस बिश्नोई से उसके संपर्क का जिक्र किया। वे बताते हैं, ‘कॉलेज में छोटी-मोटी लड़ाइयों से उसकी दबंगई का दौर शुरू हुआ। इसके बाद छात्र राजनीति में आया। शमशेर ने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन गोल्डी ने बात नहीं सुनी।‘

‘एक बार शमशेर ने मेरे सामने गोल्डी से वापस आने को कहा था। बोले- तू वापस आ जा। जेल भी होगी, तो जमानत ले लेंगे। घर खाली रहता है, यहां भला कौन रहेगा, लेकिन गोल्डी ने लौटने से इनकार कर दिया।‘

पड़ोसी का दावा- गोल्डी कनाडा जाने के बाद कभी नहीं लौटा

पड़ोसी ये भी दावा करते हैं कि कनाडा जाने के बाद गोल्डी कभी नहीं लौटा, न ही माता-पिता से संपर्क रखा। पिता शमशेर इससे दुखी रहते थे।

हमने पड़ोसी से पूछा कि उसके घर पर और आसपास कई CCTV कैमरे लगे हैं। क्या गोल्डी विदेश से घर की निगरानी करता है? जवाब मिला, ‘जो लड़का मां-बाप से बात तक नहीं करता, कहता है कि उसे घर से कोई मतलब नहीं है। वो भला घर की देखभाल क्या करेगा। कैमरे इलाके के लोगों ने घर की सुरक्षा के लिए लगवाए हैं।‘

गोल्डी बराड़ के घर के आसपास मकानों पर CCTV कैमरे लगे हैं। गोल्डी के घर में भी चार कैमरे हैं। दो मेन गेट पर और दो पिछले गेट पर।

गोल्डी बराड़ के घर के आसपास मकानों पर CCTV कैमरे लगे हैं। गोल्डी के घर में भी चार कैमरे हैं। दो मेन गेट पर और दो पिछले गेट पर।

पड़ोसी बताते हैं कि इलाके में पुलिस भी आती-जाती रहती है। हालांकि, पुलिस इन कैमरों के जरिए निगरानी करती है या नहीं, इसकी जानकारी नहीं है। गोल्डी की मां कभी-कभी यहां आती हैं। पिछले काफी दिनों से उन्हें भी नहीं देखा। पड़ोसी ने बताया कि वो मुक्तसर से करीब 40 किमी दूर पुश्तैनी गांव में रहती होंगी। इसके बाद गोल्डी के परिवार से मिलने हम उसके पुश्तैनी गांव बुर्ज हरिका के लिए निकले।

गोल्डी के गांव में चाचा का परिवार, चाची सरपंच

रास्ते में कोई भी गोल्डी के गांव का रास्ता बताने को तैयार नहीं हुआ। आखिर एक कैब ड्राइवर ने गांव तक पहुंचाया। श्मशान घाट की देखरेख में लगे व्यक्ति ने गोल्डी का घर दिखाया। गेट पर लाल रंग की नेमप्लेट लगी थी। उस पर गांव के नाम के साथ गोल्डी के चाचा सतपाल और चाची मंजीत कौर का नाम लिखा था। चाची गांव की सरपंच हैं।

गोल्डी का बुर्ज हरिका गांव पंजाब के फरीदकोट जिले में है। यहां अभी उसके चाचा-चाची का परिवार रहता है।

गोल्डी का बुर्ज हरिका गांव पंजाब के फरीदकोट जिले में है। यहां अभी उसके चाचा-चाची का परिवार रहता है।

मकान तीन हिस्सों में बंटा है। एक गेट के ठीक सामने, दूसरा कोठीनुमा मकान और उसके बगल में एक पुराना घर है, जो अब खंडहर हो चुका है। एक बुजुर्ग खाट पर बैठे मिले। हमने पूछा क्या गोल्डी बराड़ का घर यही है। उन्होंने हामी भरी। ये गोल्डी के चाचा सतपाल सिंह थे।

बातचीत शुरू हुई तो गोल्डी के बचपन से लेकर अब तक के किस्से सामने आने लगे। सतपाल ने बताया कि बड़े भाई शमशेर ने अपने हिस्से की जमीन बेचकर मुक्तसर में घर बनवाया था। गोल्डी का बचपन भी वहीं बीता। स्कूल की छुट्टियां होने पर गांव आया करता था।

सतपाल के बेटे गुरलाल की चंडीगढ़ में हत्या कर दी गई थी। हत्या का आरोप कांग्रेस नेता गुरलाल सिंह पहलवान पर लगा। सतपाल और उनकी पत्नी मंजीत बेटे गुरलाल की हत्या का जिक्र करते हुए कहते हैं, ‘गोल्डी पढ़ाई के लिए कनाडा गया था। उसी के करीब 6 महीने बाद गुरलाल की हत्या का बदला लिया। यहीं से गोल्डी ने अपराध की दुनिया में कदम रखा।‘

गुरलाल बराड़ को 11 अक्टूबर 2020 की रात चंडीगढ़ में एक क्लब के बाहर गोली मार दी गई थी। आरोप है कि गोल्डी ने इसका बदला लेने के लिए गुरलाल पहलवान की हत्या करवा दी थी।

गुरलाल बराड़ को 11 अक्टूबर 2020 की रात चंडीगढ़ में एक क्लब के बाहर गोली मार दी गई थी। आरोप है कि गोल्डी ने इसका बदला लेने के लिए गुरलाल पहलवान की हत्या करवा दी थी।

सतपाल बताते हैं, ‘गोल्डी बचपन में शांत स्वभाव का था। पढ़ने-लिखने में भी अच्छा था। अपराध की दुनिया में जाने के बाद उसने मां-बाप से नाता तोड़ लिया। उसके पिता शमशेर सिंह कपूरथला जेल में हैं। मां भी अभी जमानत पर बाहर हैं।‘

गोल्डी के पिता शमशेर को फिल्लौर के एक व्यापारी से फिरौती मांगने के आरोप में मई 2026 में गिरफ्तार किया गया। इससे पहले दिसंबर 2024 में भी गोल्डी के पिता शमशेर और मां प्रीतपाल पर श्री मुक्तसर साहिब के एक सरकारी टीचर की शिकायत पर केस दर्ज हुआ था। उन पर 50 लाख रुपए की फिरौती मांगने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप है।

शिकायत करने वाले के मुताबिक, उन्हें विदेशी मोबाइल नंबर से वॉट्सएप कॉल कर फिरौती मांगी गई थी। शुरुआत में पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की थी। जनवरी 2026 में पहली बार शमशेर सिंह का नाम आया।पुलिस ने शमशेर और उनकी पत्नी प्रीतपाल को 26 जनवरी, 2026 को अमृतसर के एक होटल से गिरफ्तार कर लिया। मार्च 2026 में प्रीतपाल को जमानत मिल गई।

चाची के मुताबिक, गोल्डी की मां कभी-कभी गांव आती हैं। पिछले दो महीने से नहीं आईं। अभी कहां हैं, इसकी जानकारी नहीं है।

तीन भाइयों का परिवार बिखरा, जमीन का भी बंटवारा हुआ

सतपाल सिंह ने परिवार के बारे में बताया। गोल्डी के पिता शमशेर सिंह तीन भाइयों में सबसे छोटे हैं। सबसे बड़े भाई की कुछ साल पहले बीमारी से मौत हो गई थी। उनका बेटा गांव में खेती करता है। उसके पास करीब दो किले (दो एकड़) जमीन है। दोनों बेटियों की शादी हो चुकी है।

सतपाल दूसरे नंबर पर हैं। उनके पास करीब पांच एकड़ जमीन है। उनकी बेटी की शादी हो गई है। सतपाल की पत्नी मंजीत कौर 7 साल से गांव की सरपंच हैं। शमशेर तीसरे नंबर के भाई हैं। उनका एक ही बेटा गोल्डी बराड़ है। सतपाल के मुताबिक, पहले तीनों भाइयों के पास करीब 5-5 एकड़ जमीन थी। सतपाल के अलावा बाकी दो भाइयों ने तीन-तीन एकड़ जमीन बेच दी।

परिवार के बारे में बताते हुए सतपाल भावुक हो गए। तब पत्नी मंजीत ने बताया कि उनकी तबीयत ठीक नहीं रहती। अब पूरा परिवार बिखर चुका है। कभी यहां पंजाब पुलिस आती है, तो कभी दिल्ली पुलिस।

गोल्डी बराड़ का नेटवर्क भारत से लेकर कनाडा तक फैला है, ग्राफिक्स में देखिए उसके नेटवर्क में कौन-कौन शामिल हैं…

Related Posts

चाचा ने नाबालिग भतीजी को कुल्हाड़ी से काटा:एक के बाद एक 40 वार किए; आरोपी ने जहर पीकर सुसाइड करने की कोशिश की
  • October 28, 2026

पुलिस आरोपी को डीडवाना अस्पताल लेकर पहुंची, जहां से सीकर रेफर कर दिया। डीडवाना जिले में मामूली कहासुनी के बाद चाचा ने 16 साल की भतीजी को कुल्हाड़ी से काट…

Read more

Continue reading
नाबालिग से वेश्यावृत्ति कराने वाली आरोपी मां गिरफ्तार:दबलाना पुलिस ने फरार महिला को पकड़ा, कोर्ट ने भेजा न्यायिक हिरासत में
  • October 27, 2026

दबलाना थाना पुलिस ने नाबालिग से वेश्यावृत्ति कराने के मामले में फरार चल रही उसकी मां को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी महिला को कोर्ट में पेश किया गया, जहां…

Read more

Continue reading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

विमेंस प्रीमियर लीग का मिनी ऑक्शन आज:146 खिलाड़ियों पर लगेगी बोली, यूपी वॉरियर्स के पास सबसे ज्यादा पैसा; 6 प्लेयर्स, जिनपर रहेगी नजरें

  • October 28, 2026
विमेंस प्रीमियर लीग का मिनी ऑक्शन आज:146 खिलाड़ियों पर लगेगी बोली, यूपी वॉरियर्स के पास सबसे ज्यादा पैसा; 6 प्लेयर्स, जिनपर रहेगी नजरें

अनंत की स्पीच पर भावुक हुए मुकेश अंबानी:जियो शेयर लिस्टिंग के इवेंट में परिवार के साथ मौजूद थे; देश की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी बनी

  • October 28, 2026
अनंत की स्पीच पर भावुक हुए मुकेश अंबानी:जियो शेयर लिस्टिंग के इवेंट में परिवार के साथ मौजूद थे; देश की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी बनी

करवा चौथ- सरगी की थाली कैसे बनाएं:क्या खाएं कि दिन में थकान और कमजोरी न हो, हेल्दी सरगी के 4 ऑप्शन, बता रही हैं डाइटीशियन

  • October 28, 2026
करवा चौथ- सरगी की थाली कैसे बनाएं:क्या खाएं कि दिन में थकान और कमजोरी न हो, हेल्दी सरगी के 4 ऑप्शन, बता रही हैं डाइटीशियन

करवा चौथ– यूनीक ज्वेलरी और मेकअप से निखारें अपना लुक:ट्रेंडिंग मेहंदी डिजाइन, सेलिब्रिटी साड़ियां और ज्वेलरी के बजट ऑप्शन

  • October 28, 2026
करवा चौथ– यूनीक ज्वेलरी और मेकअप से निखारें अपना लुक:ट्रेंडिंग मेहंदी डिजाइन, सेलिब्रिटी साड़ियां और ज्वेलरी के बजट ऑप्शन

पाकिस्तान के करीब जा रहे मालदीव राष्ट्रपति, विपक्ष ने चेताया:कहा- भारत को खतरा लगा तो नतीजा भुगतना पड़ेगा; मुइज्जू ने PAK से 20 समझौते किए

  • October 28, 2026
पाकिस्तान के करीब जा रहे मालदीव राष्ट्रपति, विपक्ष ने चेताया:कहा- भारत को खतरा लगा तो नतीजा भुगतना पड़ेगा; मुइज्जू ने PAK से 20 समझौते किए

MLC चुनाव- BJP काशी हारी, UP की 5 सीटें जीती:कांग्रेस सरकार वाले कर्नाटक में NDA का क्लीन स्वीप; 4 राज्यों की 28 सीटों पर काउंटिंग

  • October 28, 2026
MLC चुनाव- BJP काशी हारी, UP की 5 सीटें जीती:कांग्रेस सरकार वाले कर्नाटक में NDA का क्लीन स्वीप; 4 राज्यों की 28 सीटों पर काउंटिंग