प्रियंका को चांद दिखाने बादलों के पार ले गए निक:विराट ने अनुष्का के लिए व्रत रखा, बॉलीवुड से राजनीति तक करवा चौथ के किस्से

करवा चौथ का त्योहार। हाथों में छलनी, चांद का इंतजार और जीवनसाथी के साथ बिताए कुछ खास पल। त्योहार से जुड़ी यादें हर किसी के लिए खास होती हैं।

जब बात सेलिब्रिटीज की आए तो इन पलों में कुछ दिलचस्प किस्से भी जुड़ जाते हैं। बॉलीवुड सितारों से लेकर भारतीय राजनीति की जानी-मानी हस्तियों तक, करवा चौथ मनाने के अंदाज अलग जरूर हैं, लेकिन प्यार, सम्मान और समर्पण की कहानी एक ही है।

आइए, तस्वीरों और दिलचस्प किस्सों के जरिए जानते हैं कि मशहूर हस्तियां करवा चौथ कैसे मनाती हैं।

करवा चौथ की शाम थी। आसमान में चांद का इंतजार था और हर तरफ पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखने वाली महिलाओं की चर्चा। 2019 में विराट कोहली ने इस परंपरा में प्यार का एक नया रंग भर दिया।

इस बार अनुष्का अकेले भूखी-प्यासी रहकर चांद का इंतजार नहीं कर रही थीं। विराट भी उनके साथ व्रत पर थे। दोनों ने एक-दूसरे के लिए उपवास रखा और इस खास पल को तस्वीरों में सहेज लिया। अनुष्का ने विराट को अपना ‘फास्टिंग पार्टनर’ कहा, तो विराट ने भी साथ व्रत रखने की तस्वीर साझा की।

जरा सोचिए, प्यार का मतलब सिर्फ किसी के लिए दुआ करना नहीं, बल्कि उसकी भावनाओं को समझना और उसके साथ खड़े रहना भी है। अनुष्का के लिए व्रत रखना विराट का यही खूबसूरत इजहार था। जैसे कह रहे हों कि जब जीवन का सफर साथ तय करना है, तो परंपराओं की राह भी साथ ही क्यों न चलें।

2022 में कटरीना कैफ और विक्की कौशल की शादी के बाद पहला करवा चौथ था। कटरीना ने पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखा, लेकिन इस कहानी का सबसे प्यारा हिस्सा यह था कि विक्की भी बिना कहे उनके साथ पूरे दिन भूखे रहे। न कोई फरमाइश, न कोई शिकायत। बस साथ निभाने का अपना-सा अंदाज।

शाम ढली, पूजा हुई और फिर शुरू हुआ चांद का इंतजार। कटरीना को लगा कि तकनीक इस मुश्किल को आसान कर देगी। उन्होंने गूगल से पूछा कि चांद कब निकलेगा। जवाब मिला- रात 8:30 बजे।

दोनों ने घड़ी देखी। वक्त हुआ, लेकिन आसमान में चांद का कहीं अता-पता नहीं था। अब इंतजार थोड़ा लंबा और बेचैनी थोड़ी ज्यादा होने लगी। तभी विक्की ने मुस्कुराते हुए ऐसी बात कही, जिसने उस पल को यादगार बना दिया। उन्होंने मजाक में कहा, “चांद गूगल की बात नहीं सुनता, अपनी मर्जी से निकलता है।”

बात छोटी थी, लेकिन उसमें साथ होने की मिठास थी। उस पहले करवा चौथ पर चांद के निकलने से पहले ही विक्की ने कटरीना के चेहरे पर मुस्कान ला दी थी। आखिर प्यार भी तो कुछ ऐसा ही है- इंतजार चाहे कितना लंबा हो, साथ में हंसी और अपनापन हो, तो हर पल खास बन जाता है।

शादी के बाद पहला करवा चौथ हर जोड़े के लिए खास होता है। परिणीति चोपड़ा और राघव चड्ढा के लिए 2023 का करवा चौथ ऐसा ही एक यादगार मौका था। लेकिन इस त्योहार की उनकी कहानी में एक छोटा-सा पल ऐसा था, जिसने सबका दिल जीत लिया।

करवा चौथ पर आमतौर पर महिलाएं अपने हाथों में मेहंदी रचाती हैं। लेकिन परिणीति के पहले करवा चौथ पर राघव ने इस रस्म को अपने अंदाज में खास बना दिया। उन्होंने खुद परिणीति की हथेली पर मेहंदी लगाई। जरा सोचिए, जीवनसाथी के हाथों से रची मेहंदी और उसके पीछे छिपा प्यार-उस पल की खूबसूरती किसी महंगे तोहफे से कम थोड़ी थी!

परिणीति और राघव ने अपने इस खास दिन की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं। तब से दोनों के करवा चौथ सेलिब्रेशन की तस्वीरें उनके चाहने वालों के लिए खास आकर्षण रही हैं।

इस छोटी-सी रस्म में रिश्ते की एक खूबसूरत बात छिपी है। प्यार हमेशा बड़े वादों या महंगे तोहफों में ही नहीं दिखता। कभी-कभी वह हथेली पर लगाई गई मेहंदी में भी नजर आता है।

रणवीर सिंह अपने प्यार का इजहार करने का कोई मौका नहीं छोड़ते। कभी अपने अंदाज से, कभी अपनी बातों से और कभी ऐसी छोटी-सी बात से, जो दिल छू जाए। दीपिका पादुकोण के लिए उनका करवा चौथ का अंदाज भी कुछ ऐसा ही है।

साल 2021 में रणवीर अपने शो ‘द बिग पिक्चर’ की शूटिंग कर रहे थे। शो के एक एपिसोड में बातचीत के दौरान उन्होंने एक ऐसा राज खोला, जिसने उनके चाहने वालों के चेहरे पर मुस्कान ला दी। रणवीर ने बताया कि वह दीपिका के लिए करवा चौथ का व्रत रखते हैं।

कहानी में एक और प्यारी बात थी। रणवीर ने अपनी हथेली पर मेहंदी से दीपिका के नाम का पहला अक्षर ‘D’ भी लिखवाया था। जरा सोचिए, एक ऐसा शख्स जो अपने रंगीले अंदाज के लिए मशहूर है, वह अपनी हथेली पर अपने प्यार के नाम का पहला अक्षर सजाकर घूम रहा हो। यह किसी फिल्मी दृश्य से कम तो नहीं लगता!

रणवीर का यह अंदाज बताता है कि प्यार में परंपराएं निभाने के लिए किसी एक का होना जरूरी नहीं। कभी पति भी पत्नी की खुशी के लिए व्रत रख सकता है, तो कभी उसकी हथेली पर अपने प्यार का नाम सजा सकता है।

करवा चौथ की रात थी। प्रियंका चोपड़ा ने पति निक जोनस की लंबी उम्र के लिए व्रत रखा था। सुबह से शाम हो गई, पूजा भी हो गई, लेकिन जिस चांद का इंतजार था, वह बादलों के पीछे छिपा रहा। रात के 10-11 बज गए, फिर भी आसमान साफ नहीं हुआ।

अब सोचिए, दिनभर भूखी-प्यासी रहने के बाद कोई पत्नी चांद के दीदार का इंतजार कर रही हो और मौसम साथ न दे, तो मन कितना बेचैन होगा! लेकिन निक के पास इस मुश्किल का एक ऐसा हल था, जो किसी फिल्मी कहानी में ही सूझ सकता है।

प्रियंका ने 2025 में बताया था कि उस करवा चौथ पर निक उन्हें अपने विमान से बादलों के ऊपर ले गए, ताकि वे चांद देख सकें और अपना व्रत खोल सकें। जमीन पर मौसम ने साथ नहीं दिया, तो निक ने आसमान में ही रास्ता खोज लिया।

इस प्रेम कहानी का एक और प्यारा पहलू है। प्रियंका की सास हर साल उनके लिए सरगी भेजती हैं, जो करवा चौथ की सुबह व्रत रखने से पहले खाई जाती है।

इस कहानी में प्यार सिर्फ चांद दिखाने के लिए विमान में उड़ान भरने में नहीं, बल्कि एक-दूसरे की परंपराओं को अपनाने में भी है। क्योंकि सच्चा साथ वही है, जिसमें आपका अपना विश्वास भी साथी के लिए उतना ही खास बन जाए, जितना आपके लिए।

शादी के बाद पहला करवा चौथ हर जोड़े के लिए खास होता है। 2024 में सोनाक्षी सिन्हा और जहीर इकबाल के लिए भी यह मौका यादगार बन गया। सोनाक्षी ने पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखा, लेकिन जहीर ने भी उनका साथ देने के लिए पूरे दिन कुछ नहीं खाया।

चांद निकलने का इंतजार चल रहा था। इसी बीच सोनाक्षी के मन में एक सवाल आया। उन्होंने जहीर से पूछा कि आखिर उन्होंने व्रत क्यों रखा है? जहीर ने अपने चिर-परिचित मजाकिया अंदाज में जवाब दिया, “क्योंकि अगर मैं तुम्हारे सामने खाना खाता, तो तुम मुझे मार डालती!”

जहीर की इस बात पर हंसी छूटना लाजिमी था। प्यार में गंभीर वादों के साथ थोड़ी शरारत भी हो, तो रिश्ता और खूबसूरत लगने लगता है।

सोनाक्षी ने इस प्यारे पल का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करते हुए लिखा, “ऐसा पति ढूंढो, जो तुम्हें अकेले भूखा न रहने दे।”

उनकी यह छोटी-सी कहानी सिर्फ व्रत रखने की नहीं, बल्कि साथ निभाने की है। जहीर ने भले ही मजाक में अपनी वजह बताई हो, लेकिन सोनाक्षी के साथ भूखे रहकर उन्होंने उस दिन को खास बना दिया।

करवा चौथ पर चांद का इंतजार हर उस जोड़े के लिए खास होता है, जो इस परंपरा को साथ निभाता है। लेकिन सोचिए, आप व्रत रखकर चांद का इंतजार कर रहे हों और आसमान में बादल या किसी वजह से चांद दिखाई ही न दे! शिल्पा शेट्टी और राज कुंद्रा के साथ साल 2018 में कुछ ऐसा ही हुआ।

उस साल दोनों करवा चौथ के मौके पर एक इवेंट के लिए श्रीलंका में थे। शाम ढली, रात हुई और चांद निकलने का इंतजार बढ़ता गया। रात के 9:30 बज चुके थे, लेकिन आसमान में चांद के दर्शन नहीं हुए।

आखिरकार, मुंबई में मौजूद एक दोस्त ने उनकी मदद की। दोस्त ने चांद की तस्वीर भेजी और उसी तस्वीर को देखकर शिल्पा और राज ने अपना व्रत खोला। कभी-कभी अपनों की भेजी एक छोटी-सी तस्वीर भी दूर देश में बैठे लोगों के लिए कितनी बड़ी खुशी बन जाती है!

शिल्पा ने यह भी बताया था कि राज उनके साथ करवा चौथ का व्रत रखते हैं। यानी यह दिन सिर्फ शिल्पा के त्याग का नहीं, दोनों के साथ का उत्सव था। इस कहानी में चांद से ज्यादा खूबसूरत बात वह साझेदारी है, जिसमें पति-पत्नी एक-दूसरे की परंपराओं को अपनाते हैं।

साल 2018 ताहिरा कश्यप और आयुष्मान खुराना के लिए आसान नहीं था। ताहिरा ब्रेस्ट कैंसर से जूझ रही थीं। ऐसे में करवा चौथ आया, तो सेहत की वजह से वह व्रत नहीं रख पाईं। लेकिन इस बार उनकी जगह आयुष्मान ने यह परंपरा निभाने का फैसला किया।

जरा सोचिए, जिस दिन पत्नी हर साल पति की लंबी उम्र की कामना के लिए व्रत रखती हो, उसी दिन पति उसकी अच्छी सेहत और लंबी उम्र की दुआ मांगने के लिए आगे आए, तो यह पल कितना भावुक कर देने वाला होगा।

आयुष्मान ने सिर्फ व्रत ही नहीं रखा, बल्कि अपनी हथेली पर मेहंदी से ‘त’ भी लिखवाया। यह अक्षर ताहिरा के नाम का पहला अक्षर था। हथेली पर सजा यह छोटा-सा निशान अपने आप में प्यार का एक बड़ा इजहार था।

उनका यह कदम उस दौर में ताहिरा के साथ खड़े रहने का एक खूबसूरत प्रतीक बना, जब उन्हें सबसे ज्यादा भावनात्मक सहारे की जरूरत थी। इस कहानी में करवा चौथ का अर्थ सिर्फ रस्म निभाना नहीं, बल्कि रिश्ते की जिम्मेदारी साझा करना भी है।

शादी के बाद पहला करवा चौथ हर किसी के लिए खास होता है। रकुल प्रीत सिंह और जैकी भगनानी के लिए भी साल 2024 का यह त्योहार यादगार था, लेकिन इसकी कहानी में प्यार के साथ थोड़ी परेशानी और ढेर सारी शरारत भी थी।

जिम में चोट लगने के कारण रकुल की कमर में दर्द था और डॉक्टरों ने उन्हें बेड रेस्ट की सलाह दी थी। इसके बावजूद उन्होंने लाल कपड़े पहनकर त्योहार मनाया। लेकिन इस दिन की सबसे प्यारी बात यह थी कि जैकी ने भी पत्नी के लिए व्रत रखा।

दिन बीतता गया और भूख का एहसास बढ़ने लगा। आखिर जैकी भी कब तक अपने मन की बात छिपाते! उन्होंने मजाकिया अंदाज में लिखा, “मुझे बहुत भूख लगी है, लेकिन मैं भी नहीं खाऊंगा।”

उनकी यह बात सुनकर चेहरे पर मुस्कान आना लाजिमी है। प्यार में कभी-कभी बड़ी-बड़ी बातें नहीं, बल्कि भूख लगने पर भी साथ निभाने की छोटी-सी जिद दिल जीत लेती है।

रकुल ने जैकी को अपना सूरज, चांद और पूरी दुनिया बताया। शायद यही इस कहानी की सबसे खूबसूरत बात है। जिस चांद को देखने के लिए करवा चौथ का इंतजार होता है, रकुल के लिए उनका चांद तो पहले से ही उनके साथ था।

शादी के बाद पहला करवा चौथ हर जोड़े के लिए खास होता है। लेकिन 2024 में रणदीप हुड्डा और लिन लैशराम का पहला करवा चौथ थोड़ा अलग था। रणदीप शूटिंग के सिलसिले में व्यस्त थे और लिन के साथ मौजूद नहीं हो सकते थे।

ऐसे में रणदीप ने लिन से कहा कि वह उनके लिए व्रत न रखें। अब जरा लिन का अंदाज देखिए। उन्होंने उदास होने या दिनभर पति की कमी महसूस करने के बजाय इस मौके को अपने ही तरीके से खास बनाने का फैसला किया।

लिन ने स्नैक्स की एक टोकरी सजाई और सोशल मीडिया पर मजेदार अंदाज में लिखा, “हसबैंड, जब आपने व्रत रखने से मना किया है, तो स्नैक्स, नेटफ्लिक्स और मेरे डांस मूव्स तैयार हैं!”

उनकी इस पोस्ट में शिकायत नहीं, बल्कि रिश्ते की सहजता और शरारत नजर आई। जैसे वह कह रही हों कि पति दूर है तो क्या हुआ, त्योहार की खुशी तो अपने साथ मनाई ही जा सकती है।

प्यार की कोई एक भाषा नहीं होती और न ही उसकी कोई सीमा। कभी दो अलग-अलग देशों में पले-बढ़े लोग मिलते हैं और फिर एक-दूसरे की दुनिया को अपना बना लेते हैं। अभिनेत्री श्रेया सरन और उनके पति आंद्रेई कोशचीव की कहानी भी कुछ ऐसी ही है।

श्रेया भारतीय हैं, जबकि आंद्रेई मूल रूप से रूस के रहने वाले हैं। दोनों की संस्कृतियां अलग हैं, लेकिन प्यार ने उनके बीच की दूरियां मिटा दीं। श्रेया अपने विदेशी पति के लिए करवा चौथ का व्रत भी रखती हैं।

साल 2019 में श्रेया ने स्पेन के खूबसूरत शहर बार्सिलोना से करवा चौथ की तस्वीरें साझा की थीं। सात समंदर पार, अपने देश से दूर, उन्होंने भारतीय परंपरा को उसी प्यार से निभाया, जो इस त्योहार की पहचान है।

जरा कल्पना कीजिए, बार्सिलोना की गलियों के बीच एक भारतीय पत्नी अपने पति की लंबी उम्र की कामना के साथ करवा चौथ मना रही हो। जगह बदल गई, आसपास की दुनिया बदल गई, लेकिन प्रेम और परंपरा से जुड़ा भाव वही रहा।

श्रेया की यह कहानी बताती है कि शादी में सिर्फ दो लोग नहीं जुड़ते, उनकी संस्कृतियां और परंपराएं भी एक-दूसरे की जिंदगी का हिस्सा बनती हैं।

करवा चौथ पर चांद का इंतजार वैसे ही लंबा लगता है, लेकिन सोचिए, अगर व्रत एक देश में शुरू हो और दूसरे देश में जाकर खत्म हो, तो क्या होगा? अभिनेत्री प्रीति जिंटा के साथ साल 2020 में कुछ ऐसा ही हुआ।

प्रीति अपने विदेशी पति जीन गुडइनफ के लिए हर साल करवा चौथ का व्रत रखती हैं। लेकिन उस साल उनका व्रत कुछ ज्यादा ही लंबा खिंच गया। प्रीति ने सोशल मीडिया पर इसे अपना ‘सबसे लंबा’ करवा चौथ बताया था। व्रत दुबई में शुरू हुआ और 24 घंटे से ज्यादा समय बाद लॉस एंजेल्स में जाकर खत्म हुआ।

जरा कल्पना कीजिए, एक तरफ लंबी हवाई यात्रा, दूसरी तरफ व्रत और चांद का इंतजार। वक्त और जगह बदलते रहे, लेकिन पति के लिए दुआ करने का उनका भाव वैसा ही बना रहा। आखिरकार, जब यह लंबा इंतजार पूरा हुआ, तो यह करवा चौथ उनके लिए एक अनोखी याद बन गया।

करवा चौथ की कहानियों में अक्सर पति-पत्नी के प्यार और साथ निभाने के किस्से सुनने को मिलते हैं। लेकिन अमेरिकी गायिका और अभिनेत्री मैरी मिलबेन की कहानी थोड़ी अलग है। यहां जीवनसाथी साथ नहीं था, बल्कि अभी उनकी जिंदगी में आया ही नहीं था!

2023 में मैरी ने भारतीय परंपरा के प्रति सम्मान जताते हुए करवा चौथ मनाया। उन्होंने पारंपरिक भारतीय परिधान में अपनी तस्वीर साझा की। उस वक्त वह अविवाहित थीं, लेकिन उन्होंने अपने होने वाले जीवनसाथी के लिए प्रार्थना की।

जरा सोचिए, एक ऐसी रस्म निभाना, जिसका पारंपरिक अर्थ पति की लंबी उम्र की कामना से जुड़ा है, जबकि आपका जीवनसाथी अभी मिला भी नहीं है। मैरी के इस अंदाज में प्रेम की एक खूबसूरत कल्पना थी। उस इंसान के लिए दुआ करना, जो शायद कहीं अपनी दुनिया में जी रहा हो, लेकिन एक दिन आपकी जिंदगी का हिस्सा बनेगा।

करवा चौथ का दिन हो, पत्नी ने व्रत रखा हो और शाम को साथ बिताने के लिए कुछ सुकून भरे पल मिल जाएं, तो त्योहार की खुशी और बढ़ जाती है। बीजेपी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर और उनकी पत्नी शेफाली की कहानी में भी ऐसा ही एक खूबसूरत पल जुड़ा है।

साल 2022 में करवा चौथ के दिन अनुराग ठाकुर अपनी पत्नी शेफाली के साथ दिल्ली के कर्तव्य पथ पर सैर करने निकले। दिनभर की व्यस्तताओं और राजनीतिक जिम्मेदारियों के बीच यह साथ बिताया गया एक साधारण-सा पल था, लेकिन इसकी खूबसूरती कुछ खास थी।

अनुराग ने इस सैर का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया। साथ में लिखी उनकी पंक्ति ने सबका ध्यान खींचा- “कर्तव्य पथ… एक सफर, हमसफर के साथ।”

कितनी प्यारी बात है। जिंदगी में जिम्मेदारियां भी होती हैं, अपने-अपने कर्तव्य भी, लेकिन इन सबके बीच अपने हमसफर के साथ कुछ कदम चलना भी जरूरी है। कभी किसी महंगे तोहफे या बड़े आयोजन की जरूरत नहीं होती। साथ बिताए कुछ पल ही त्योहार को यादगार बना देते हैं।

दिनभर बैठकों, सरकारी कामकाज और जनता से जुड़े मुद्दों में व्यस्त रहना। हर फैसले के साथ एक नई जिम्मेदारी और हर दिन नई चुनौतियां। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की दिनचर्या कुछ ऐसी ही है। लेकिन इन तमाम जिम्मेदारियों के बीच उनकी जिंदगी का एक हिस्सा ऐसा भी है, जिसे वे खास अहमियत देती हैं- उनका परिवार।

रेखा गुप्ता अपने पति मनीष गुप्ता के लिए करवा चौथ का व्रत रखती हैं। राजनीतिक जीवन की व्यस्तताओं के बावजूद वे इस पारिवारिक परंपरा को निभाने के लिए वक्त निकालती हैं।

जरा सोचिए, जब दिन का ज्यादातर समय दूसरों की जरूरतों और जिम्मेदारियों के बीच गुजरता हो, तब अपने रिश्ते के लिए कुछ पल निकालना कितना मायने रखता होगा।

उनकी यह कहानी किसी बड़े रोमांटिक इजहार की नहीं, बल्कि रिश्तों को समय देने की अहमियत की याद दिलाती है। जिंदगी में काम और जिम्मेदारियां अपनी जगह हैं, लेकिन अपनों के लिए जगह बनाए रखना भी जरूरी है।

राजनीति की दुनिया में दिन कब सुबह से शाम में बदल जाता है, पता ही नहीं चलता। बैठकों, कार्यक्रमों और जिम्मेदारियों के बीच अपने लिए वक्त निकालना आसान नहीं होता। लेकिन रिश्तों की खूबसूरती इसी में है कि व्यस्तता कितनी भी हो, अपनों के लिए कुछ पल बचा लिए जाएं।

साल 2021 में शिवराज सिंह चौहान ने कुछ ऐसा ही अपनापन दिखाया। भोपाल स्थित अपने निवास पर उन्होंने करवा चौथ के दिन पत्नी साधना सिंह के साथ समय बिताया। इस मौके पर शिवराज ने उन्हें करवा चौथ की कथा भी सुनाई।

जरा उस पल की कल्पना कीजिए। दिनभर राजनीति और जनता से जुड़े कामों में व्यस्त रहने वाला शख्स शाम को अपनी पत्नी के सामने बैठा है और पूरे मन से त्योहार की कथा सुना रहा है। न कोई बड़ा आयोजन, न कोई दिखावा- बस साथ बिताया गया एक सुकून भरा पल।

करवा चौथ पर कथा सुनना एक पारंपरिक रस्म है, लेकिन जब जीवनसाथी खुद इसमें भागीदार बन जाए, तो उस रस्म का अर्थ और गहरा हो जाता है। शिवराज और साधना की यह तस्वीर रिश्ते में साथ और साझेदारी की अहमियत दिखाती है।

मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी ही ऐसी है कि दिन का बड़ा हिस्सा बैठकों, कार्यक्रमों और जनता से जुड़े कामों में बीतता है। ऐसे में अपने परिवार के साथ सुकून के कुछ पल बिताना भी किसी खास मौके से कम नहीं है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और उनकी पत्नी गीता धामी के लिए करवा चौथ ऐसा ही एक अवसर है।

राजनीतिक व्यस्तताओं के बीच पुष्कर सिंह धामी करवा चौथ पर पत्नी गीता के साथ समय बिताते हैं। यह त्योहार उन्हें रोजमर्रा की भागदौड़ से अलग होकर अपने रिश्ते और पारिवारिक परंपराओं के लिए वक्त निकालने का मौका देता है।

जरा कल्पना कीजिए, दिनभर की जिम्मेदारियों के बाद जब काम की रफ्तार थोड़ी धीमी होती है, तो जीवनसाथी के साथ बिताए कुछ पल कितने सुकून भरे हो सकते हैं। कभी साथ बैठना, कभी त्योहार की रस्मों में भाग लेना और कभी बस एक-दूसरे के पास होना- रिश्तों की असली मिठास अक्सर इन्हीं छोटी बातों में छिपी होती है।

धामी दंपती की यह कहानी उस एहसास की याद दिलाती है कि सार्वजनिक जीवन की जिम्मेदारियां कितनी भी बड़ी क्यों न हों, निजी रिश्तों की अहमियत अपनी जगह बनी रहती है।

सार्वजनिक जीवन में रहने वालों की दिनचर्या अक्सर इतनी व्यस्त होती है कि अपने लिए वक्त निकालना भी मुश्किल हो जाता है। बैठकों, कार्यक्रमों और जिम्मेदारियों के बीच दिन कब बीत जाता है, पता ही नहीं चलता। लेकिन कुछ मौके ऐसे होते हैं, जब तमाम व्यस्तताओं के बीच भी परिवार और रिश्तों के लिए समय निकालना खास मायने रखता है।

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक और उनकी पत्नी नम्रता पाठक के लिए करवा चौथ ऐसा ही एक अवसर है। दोनों इस त्योहार को पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाते हैं और अपनी पारिवारिक परंपराओं को महत्व देते हैं।

कल्पना कीजिए, दिनभर की भागदौड़ के बाद त्योहार की शाम आती है। पूजा की तैयारी होती है, करवा चौथ की कथा और रस्मों का समय होता है। रोजमर्रा की जिम्मेदारियों से अलग यह पल अपने रिश्ते और साझा परंपराओं से जुड़ने का मौका देता है।

बृजेश और नम्रता की यह कहानी एक सहज बात याद दिलाती है कि रिश्तों को मजबूत बनाए रखने के लिए हमेशा किसी बड़े आयोजन की जरूरत नहीं होती। कभी साथ निभाई गई कोई परंपरा भी अपनेपन को ताजा कर देती है।

गूगल पर करवाचौथ ट्रेंड कर रहा है…

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