
दिवाली का त्योहार नजदीक है। इस मौके पर घरों में कई तरह के पकवान बनाए जाते हैं। कई जगहों पर सूरन (जिमीकंद या ओल) की सब्जी बनाने की भी परंपरा है।
इसके पीछे कई धार्मिक मान्यताएं हैं। दरअसल सूरन को जमीन से निकालने के बाद अगर इसका थोड़ा हिस्सा भी मिट्टी में रह जाए तो यह दोबारा उग जाता है। इसी वजह से इसे सुख-समृद्धि और बरकत का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दिवाली पर सूरन की सब्जी बनाना और खाना शुभ होता है।
इसके अलावा सूरन न्यूट्रिशन के लिहाज से भी खास है। इसमें फाइबर, पोटेशियम और कई जरूरी पोषक तत्व होते हैं, जो सेहत के लिए फायदेमंद हैं। साल 2016 में ‘साइंस डायरेक्ट’ में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, सूरन में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सिडेंट गुण होते हैं।
हालांकि, सूरन में मौजूद कैल्शियम ऑक्सलेट के कारण कुछ लोगों को इससे मुंह और गले में खुजली या जलन हो सकती है। ऐसे में इसे बनाने और खाने में कुछ सावधानियां बरतना जरूरी है।
इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में सूरन के हेल्थ बेनिफिट्स के बारे में बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-
- इसे खाने और पकाने का सही तरीका क्या है?
- किन लोगों को सूरन खाते हुए सावधानी बरतनी चाहिए?
एक्सपर्ट: डॉ. अनु अग्रवाल, सीनियर क्लीनिकल डाइटीशियन, फाउंडर- ‘वनडाइटटुडे’
सवाल- सूरन में कौन-से पोषक तत्व होते हैं?
जवाब- ‘यूनाइटेड स्टेट्स डिपार्टमेंट ऑफ एग्रीकल्चर’ (USDA) के मुताबिक, सूरन में कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, पोटेशियम और विटामिन C समेत कई जरूरी पोषक तत्व होते हैं। इसमें थोड़ी मात्रा में प्रोटीन और अन्य मिनरल्स भी होते हैं। ग्राफिक में 100 ग्राम कच्चे सूरन की न्यूट्रिशनल वैल्यू देखिए-

सवाल- सूरन हमारी सेहत के लिए कितना फायदेमंद है?
जवाब- सूरन पोषक तत्वों से भरपूर सब्जी है। इसे संतुलित डाइट में शामिल करने के कई संभावित हेल्थ बेनिफिट्स हैं, जैसेकि-
- इसमें मौजूद कार्बोहाइड्रेट शरीर को ऊर्जा देता है। वहीं फाइबर कब्ज से बचाव में मदद करता है।
- फाइबर के कारण पेट देर तक भरा हुआ महसूस होता है, जिससे वेट मैनेजमेंट में मदद मिलती है।
- इसमें मौजूद पोटेशियम ब्लड प्रेशर सामान्य बनाए रखने में मदद करता है।
- इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जो ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ने से रोकता है।
- इसमें विटामिन C समेत कई एंटीऑक्सिडेंट्स होते हैं, जो इम्यून सिस्टम को सपोर्ट करते हैं।
सूरन के सभी संभावित फायदे ग्राफिक में देखिए-

सवाल- सूरन को किस तरह अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं?
जवाब- सूरन को कई तरीकों से अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं, जैसेकि-
- इसे उबालकर या मसालों के साथ अच्छी तरह पकाकर सब्जी बना सकते हैं।
- उबले हुए सूरन के टुकड़ों को थोड़े तेल और मसालों के साथ भूनकर खा सकते हैं।
- उबले हुए सूरन में नींबू, धनिया और हल्के मसाले मिलाकर चाट बना सकते हैं।
- इसे पतले स्लाइस में काटकर, तलकर या बेक करके चिप्स बना सकते हैं।
- इसे आलू, मटर या अन्य सब्जियों के साथ मिलाकर पका सकते हैं।
सवाल- इसे खाने और पकाने का सही तरीका क्या है?
जवाब- सूरन को सही तरीके से साफ करके और अच्छी तरह पकाकर खाना चाहिए। इसमें मौजूद कैल्शियम ऑक्सलेट के कारण मुंह और गले में खुजली या जलन हो सकती है। इससे बचने के लिए कुछ सावधानियां बरतें-
- सूरन छीलते और काटते समय हाथों में दस्ताने पहनें, ताकि स्किन पर खुजली न हो।
- काटने के बाद इसे साफ पानी से धो लें।
- सूरन को पानी में उबालकर या अच्छी तरह पकाकर ही खाएं।
- सूरन पकाते हुए एक सावधानी बहुत जरूरी है। इसे पकाते हुए कोई भी खट्टी चीज जैसे इमली, नींबू या अमचूर डालना अनिवार्य है वरना यह गला काटने लगता है।
- शुरुआत में कम मात्रा में खाएं और देखें कि शरीर पर इसका कोई नेगेटिव असर तो नहीं होता।
सभी जरूरी सावधानियां ग्राफिक में देखिए-

सवाल- क्या डायबिटिक लोग सूरन खा सकते हैं?
जवाब- हां, डायबिटिक लोग इसे संतुलित डाइट में शामिल कर सकते हैं। हालांकि, इसमें कार्बोहाइड्रेट भी होता है, इसलिए कुछ बातों का ध्यान रखें-
- सीमित मात्रा में ही खाएं।
- इसे उबालकर या कम तेल में अच्छी तरह पकाकर खाएं।
- एक बार में ज्यादा मात्रा में खाने से बचें।
सवाल- सूरन वेट मैनेजमेंट में कैसे मददगार है?
जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए-
- सूरन में मौजूद फाइबर से पेट देर तक भरा हुआ महसूस होता है।
- इससे बार-बार भूख लगने और जरूरत से ज्यादा खाने की संभावना कम होती है, जिससे वेट मैनेजमेंट में मदद मिलती है।
ध्यान रखें, सिर्फ सूरन खाने से वजन कम नहीं होता। इसके लिए कुल कैलोरी का संतुलन और रेगुलर फिजिकल एक्टिविटी भी जरूरी है।

सवाल- क्या ज्यादा सूरन खाने के कोई साइड इफेक्ट भी हो सकते हैं?
जवाब- हां, ज्यादा या अधपका सूरन खाने से कुछ परेशानियां हो सकती हैं, जैसेकि-
- मुंह और गले में जलन या चुभन।
- पेट फूलना, गैस या पेट में असहजता।
- कुछ लोगों में खुजली या सूजन जैसी एलर्जी।
अगर खाने के बाद गले में सूजन या सांस लेने में परेशानी हो तो तुरंत मेडिकल हेल्प लें।
सवाल- किन लोगों को सूरन खाते हुए सावधानी बरतनी चाहिए?
जवाब- कुछ लोगों को सूरन खाते हुए विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। इसे ग्राफिक में देखिए-

सवाल- सूरन खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखें?
जवाब- इस दौरान सूरन की ताजगी और क्वालिटी पर ध्यान देना जरूरी है। इसके लिए इन बातों का ख्याल रखें-
- ऐसा सूरन चुनें, जो साइज के हिसाब से भारी और सख्त हो।
- सूरन पर गहरे कट, सड़न या फफूंद के निशान नहीं होने चाहिए।
- बहुत ज्यादा नरम, गला हुआ या अजीब स्मेल वाला सूरन न खरीदें।
- अगर सूरन पहले से कटा हुआ है तो देखें कि उसका अंदरूनी हिस्सा ताजा हो और उस पर असामान्य धब्बे न हों।
- खरीदने के बाद इसे ठंडी, सूखी और हवादार जगह पर रखें।
- कच्चे सूरन को लंबे समय तक नमी वाली जगह पर न रखें।
सूरन से जुड़े कुछ कॉमन सवाल-जवाब
सवाल- सूरन खाने से मुंह में खुजली या जलन क्यों होती है?
जवाब- कच्चे या अधपके सूरन में मौजूद कैल्शियम ऑक्सलेट के क्रिस्टल मुंह और गले में जलन पैदा कर सकते हैं।
सवाल- सूरन को पकाने का सही तरीका क्या है?
जवाब- इसे अच्छी तरह उबालकर और कोई खट्टी चीज डालकर ही पकाएं।
सवाल- क्या सूरन खाने से बवासीर में फायदा होता है?
जवाब- इसमें फाइबर होता है, जो कब्ज से बचाव में मदद करता है। लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि सूरन खाने से पाइल्स का इलाज होता
सवाल- क्या सूरन रोज खा सकते हैं?
जवाब- हां, अगर यह आपको सूट करता है तो संतुलित मात्रा में नियमित रूप से खा सकते हैं।
सवाल- सूरन खाने का सही समय क्या है?
जवाब- सूरन के केस में खाने समय ज्यादा महत्वपूर्ण नहीं है। इसे दोपहर या रात के भोजन में खा सकते हैं।
सवाल- क्या सूरन खाने से किडनी स्टोन का खतरा बढ़ता है?
जवाब- इसका कोई पर्याप्त साइंटिफिक सबूत नहीं है। लेकिन जिन लोगों को पहले से किडनी स्टोन है, उन्हें डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए।
सवाल- क्या सूरन खाने से गैस, पेट फूलने या कब्ज की समस्या हो सकती है?
जवाब- हां, ज्यादा सूरन खाने से कुछ लोगों को गैस या पेट फूलने की समस्या हो सकती है। चूंकि इसमें फाइबर होता है, इसलिए सूरन खाने के बाद दिन भर पर्याप्त मात्रा में पानी जरूर पिएं।








