
वाराणसी के वार्ड नंबर 82 में एक कार्यक्रम के दौरान साल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एसईए), एडब्ल्यूएल, एग्रीबिजनेस, नेटवर्क एशिया और भरतखंड फाउंडेशन ने मिलकर ‘सरसों संकल्प’ की शुरुआत की है।
यह 5 साल का कार्यक्रम है, जिसका मकसद राजस्थान के बूंदी, टोंक और झालावाड़ जिलों में सरसों की पुनर्योजित खेती को बढ़ावा देना है।
16 करोड़ रुपये के इस कार्यक्रम का लक्ष्य वित्त वर्ष 2026-27 तक 15 हजार किसानों को जोड़ना है, जिसे 2030-31 तक बढ़ाकर 40 हजार किया जाएगा।
इसके तहत मिट्टी की सेहत सुधारने, पानी और कृषि संसाधनों का बेहतर उपयोग करने, जैव विविधता बढ़ाने और जलवायु अनुकूल खेती को बढ़ावा दिया जाएगा।
इस संबंध में वार्षिक आम बैठक के दौरान एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर भी हस्ताक्षर किए गए।







