
CJI सूर्यकांत सोमवार को दिल्ली में NHRC के 33वें स्थापना दिवस के कार्यक्रम में शामिल हुए।
दिल्ली में CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन और पाबंदियों पर CJI सूर्यकांत ने सोमवार को कहा- ये मेरा मुद्दा नहीं है। CJI विज्ञान भवन में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के 33वें स्थापना दिवस के कार्यक्रम में शामिल हुए थे। कार्यक्रम से पहले उन्होंने INDIA ब्लॉक के नेताओं से मुलाकात नहीं करने की वजह भी बताई।
CJI ने कहा- रविवार को विपक्षी सांसदों का पत्र मिला था, जिसका जवाब मैंने उसी रात दे दिया था। सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं। कोई भी आम नागरिक या निर्वाचित जनप्रतिनिधि याचिका दाखिल कर सकता है। कोर्ट उनकी समस्याएं सुनेगा और कानून के मुताबिक कार्रवाई करेगा।
इस बीच, राहुल गांधी ने कहा कि CJI ने उन्हें अपनी चिंताओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करने को कहा है। राहुल के मुताबिक, INDIA ब्लॉक के नेता सोमवार शाम संयुक्त रूप से याचिका दाखिल करेंगे। राहुल ने CEC के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर CJI से मुलाकात का समय मांगा था। लेकिन CJI ने इनकार कर दिया।
CJI ने अपने जवाब में बताईं 4 वजहें

1. SIR और CEC से जुड़े मामले पहले से लंबित: CJI ने विपक्ष से कहा कि वह जिन मुद्दों को उठाना चाहता है, उनमें SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त से जुड़े मामले शामिल हैं। ये मामले पहले से ही कोर्ट में लंबित हैं।
2. प्रशासनिक स्तर पर शिकायतों पर कार्रवाई नहीं कर सकती अदालत: CJI ने बताया कि संवैधानिक व्यवस्था के तहत अदालत प्रशासनिक स्तर पर इस तरह की शिकायतों पर संज्ञान नहीं ले सकती। इसके लिए न्यायिक प्रक्रिया अपनानी होगी।
3. याचिका दायर करने पर अगले दिन सुनवाई: CJI ने विपक्ष को बताया कि संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत सुप्रीम कोर्ट को न्यायिक समीक्षा का अधिकार है। अगर इन मुद्दों पर सोमवार को याचिका दायर की जाती है, तो मंगलवार को सुनवाई के लिए उसे सूचीबद्ध किया जा सकता है। उस दिन पहले से लंबित संबंधित मामलों पर भी सुनवाई होनी है।
4. मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए कोर्ट के दरवाजे खुले: CJI ने नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि नागरिक अपनी शिकायतों और अधिकारों के उल्लंघन से जुड़े मामलों में अदालत का दरवाजा खटखटा सकते हैं।
आज सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालेगा विपक्ष
CJI की तरफ से मुलाकात के लिए इनकार के बावजूद विपक्षी दलों ने आज अपनी मांगों को लेकर सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने का ऐलान किया है। कांग्रेस ने इसे ‘चलो दिल्ली-मार्च फॉर डेमोक्रेसी’ नाम दिया है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि सुप्रीम कोर्ट तक मार्च में युवा, विपक्षी दल, नागरिक संगठन और लोकतंत्र व संविधान में विश्वास रखने वाले लोग शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि यह मार्च पार्टी, लिंग, जाति, समुदाय और राज्य की सीमाओं से ऊपर उठकर भारतीयों के तौर पर निकाला जाएगा।
शुक्रवार को विपक्ष ने राष्ट्रपति को सौंपा था ज्ञापन
इससे पहले शुक्रवार को INDIA ब्लॉक के नेताओं ने संसद से विजय चौक तक मार्च निकाला था। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को ज्ञापन सौंपा था। वहीं, खड़गे ने बेंगलुरु में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह देश में अव्यवस्था पैदा कर रहे हैं।
उन्होंने शनिवार के प्रदर्शन के दौरान भारी पुलिस तैनाती और लोगों को हिरासत में लिए जाने का जिक्र करते हुए सरकार पर युवाओं के आंदोलन से डरने का आरोप लगाया। खड़गे ने कहा कि विपक्ष CJI से केवल अनुरोध कर सकता है, मांग नहीं।









