
राजस्थान में काजू कतली, बर्फी जैसी मिठाइयों पर लगने वाले चांदी और सोने के वर्क एल्युमिनियम और तांबे से तैयार हो रहे हैं। वहीं एल्युमिनियम जिसे खाने से लिवर-किडनी खराब हो सकती है। कैंसर का खतरा पैदा हो सकता है।
दैनिक भास्कर ने ये सच सामने लाने के लिए 15 दिन पड़ताल की। रिपोर्टर ने मिठाई व्यापारी बनकर नकली वर्क तैयार करने वाले व्यापारियों से डील की। कई व्यापारियों ने खुद असली और नकली वर्क के सैंपल सामने लाकर रख दिए। रिपोर्टर ने चांदी-सोने के वर्क के 4 सैंपल खरीदे। दो अलग-अलग लैब में टेस्ट कराया।
लैब रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि चांदी के वर्क में चांदी का नामोनिशान तक नहीं था। सोने के वर्क में तांबे जैसी सस्ती मेटल मिलाई गई थी। पढ़िए- पूरी इन्वेस्टिगेशन स्टोरी…

जयपुर का पन्नीगरान इलाका 300 साल से चांदी और सोने के वर्क के लिए मशहूर है।
लोकेशन-1 : पन्नीगरान मोहल्ला, जयपुर
पड़ताल की शुरुआत जयपुर के पन्नीगरान मोहल्ला से की। यहां 100 से ज्यादा व्यापारी हाथों से चांदी के वर्क तैयार करते हैं। एक वर्कशॉप के बाहर एक शख्स चमड़े के बैग में चांदी के वर्क बनाते हुए मिला। अंदर बैठे व्यापारी से मिठाई विक्रेता बनकर बात की।

व्यापारी ने कहा- बिल सिर्फ असली वर्क का देते हैं, नकली का नहीं।
रिपोर्टर : चांदी के वर्क चाहिए, क्या रेट है?
व्यापारी : मिल जाएगा, 250 रुपए की टोकरी है। एक टोकरी में 10 पीस आते हैं।
रिपोर्टर : और कोई वैरायटी नहीं है?
व्यापारी : नकली वाली है 70 रुपए में 10 पीस।
रिपोर्टर : हमारे यहां तो 30 रुपए में 10 पीस मिल रहे हैं।
व्यापारी : 3 रुपए का पीस मिल जाएगा नकली वाला। (अलमारी से पैकेट निकाल कर दिखाते हुए) इसमें बिल्कुल चांदी नहीं होती। असली वाले का 3 प्रतिशत जीएसटी के साथ बिल दे देंगे। नकली का नहीं देंगे।

मिठाई पर लगने वाले वर्क तैयार करते हुए कारीगर।
रिपोर्टर : एक-एक सैंपल दोनों के दे दो।
(व्यापारी ने सैंपल के तौर पर 25 रुपए का एक असली और 3 रुपए का एक नकली चांदी का वर्क पैक करके दिया)
व्यापारी : हम तो साफ बता कर देते हैं ये असली वाला और नकली। नकली खाने से नुकसान होता है।
रिपोर्टर : आप मशीन से नहीं बनाते क्या?
व्यापारी : नहीं, मशीन वाला वर्क काला पड़ जाता है। उसमें तो लोग केमिकल मिलाते हैं।
लोकेशन-2 : जयपुर का सुभाष चौक

व्यापारी ने खुद माना कि असली-नकली दोनों तरह के वर्क बेचते हैं।
सुभाष चौक पर हमारी मुलाकात एक युवक से हुई। पूछने पर उसने बताया कि असली-नकली दोनों तरह का माल मिल जाएगा। हमें बाइक पर बैठाकर एक गली में एक प्राइवेट स्कूल के पास मकान में ले गया। अंदर कई महिलाएं और युवक चांदी के वर्क बनाकर पैक कर रहे थे। युवक ने रईस नाम के व्यापारी से बात करवाई।
व्यापारी : कौन सा माल लेना है, असली वाला या नकली?
रिपोर्टर : दोनों दिखा दो।
व्यापारी : (डिब्बे से निकाल कर 2 सैंपल दिखाए) असली 2500 रुपए में 150 पीस मिलेंगे। 100 प्रतिशत शुद्ध। नकली के 150 के 800 रुपए लगेंगे।
रिपोर्टर : इसको मिठाई में लगा सकते हैं?
व्यापारी : कहीं भी लगा लो। हलवाई मिठाई में लगाते हैं, पूजा में इस्तेमाल करते हैं। सोने का नकली वर्क भी है।

वर्क बेचने वालों ने दावा किया कि ज्यादातर लोग नकली वर्क ही खरीदने आते हैं। वजह यह है कि असली चांदी के 100 वर्क की कीमत 3 हजार रुपए से ज्यादा है।
रिपोर्टर : ठीक है, सैंपल दिखा दो।
व्यापारी : एक पीस 10 रुपए का लगेगा। इसका असली 625 रुपए का है।
रिपोर्टर : इसको खाने में काम ले सकते हैं?
व्यापारी : हां, काजू कतली में ज्यादातर यही लगता है। पूरे देश में ऑनलाइन ऑर्डर सप्लाई करते हैं। देखो ये मुंबई जाएगा (एक पार्सल दिखाते हुए)।
रिपोर्टर : आप खुद बनाते हैं?
व्यापारी : चाइना से भी माल आता है, हम बाहर से बनवाकर फिनिशिंग करके भी देते हैं।
रिपेार्टर : नकली कैसे बनाते हैं?
व्यापारी : पाउडर और केमिकल से…
रिपोर्टर : डिमांड किसकी ज्यादा रहती है?
व्यापारी : लोगों को सस्ता चाहिए। माल से कोई मतलब नहीं है। असली चांदी की 10 गड्डी 25 हजार की है। नकली वाली 8 हजार रुपए में मिल जाएगी। असली चांदी के वर्क तो कोई रखता भी नहीं है।

व्यापारी ने हमें नकली गोल्ड और चांदी के 20-20 पीस के 2 पैकेट पैक करके दिए।
लैब रिपोर्ट में खुलासा : चांदी में 99% एल्युमिनियम-कैडमियम, सोने की परत में तांबा
हमने 2 दुकानों से 4 सैंपल खरीदे। चांदी और सोने के 2-2 सैंपल की जयपुर की अलग-अलग दो लैब से जांच करवाई। लैब की मशीनें इतनी एडवांस हैं कि सोना-चांदी जैसी 20 प्रकार की मेटल में मिलावट बता देती हैं।
1. चांदी के वर्क की 2 लैब की रिपोर्ट
दोनों ही सैंपल में 1% भी चांदी नहीं मिली। पहले सैंपल में 99% एल्युमिनियम-कैडमियम और 1% दूसरी मेटल। दूसरे में 14.82% चांदी और 85.17% आयरन।

2. सोने के वर्क की लैब रिपोर्ट
सोने के पहले सैंपल में 88.20 प्रतिशत तांबा और 12 प्रतिशत जिंक मिला। दूसरे में 1.41% गोल्ड, 87.60% कॉपर और 10.98% जिंक मिला।

3. मैन्युअल जांच : जलकर राख हुई नकली चांदी
मशीनी जांच के बाद लैब संचालक ने चांदी के वर्क को जला कर चेक किया तो वह राख में बदल गया। एक्सपर्ट के अनुसार, असली चांदी जलने के बाद चांदी के अवशेष मोती जैसी आकृति में रह जाते हैं।

राख में तब्दील हुआ वर्क।

बड़ा सवाल : 10 ग्राम असली चांदी से 150 वर्क तैयार तो 1500 में कैसे दे रहे?
बाजार में असली चांदी का वर्क बताकर 150 पीस के पैकेट का रेट 1500 से 1700 रुपए में बेच रहे हैं। वहीं नकली चांदी के वर्क के पैकेट की कीमत 800 रुपए तक है। जौहरी बाजार में ज्वेलर विक्की सोनी बताते हैं- सही मायने में 10 ग्राम असली चांदी से अधिकतम 150 पीस वर्क तैयार हो सकते हैं।
बाजार में चांदी का रेट 2.25 लाख रुपए के आसपास चल रहा है। इस हिसाब से 100 ग्राम चांदी 23 हजार रुपए की होती है। 10 ग्राम चांदी ही 2300 रुपए की है तो जो 1700 रुपए में 150 पीस मिल रहे हैं, वो असली हो ही नहीं सकते। मजदूरी और इसके बाद व्यापारी और दुकानदार का कमीशन जोड़ें तो असली वाले पैकेट की कीमत कम से कम 3 हजार रुपए से ऊपर ही बैठती है।

व्यापारियों ने ऑन कैमरा बताया कि असली चांदी के वर्क भी 1700 रुपए में 150 पीस बेच रहे हैं।

एक्सपर्ट बोले- लिवर-किडनी हो सकते हैं खराब, बच्चों की याद्दाश्त पर भी असर
सीएमएचओ जयपुर (प्रथम) डॉ. रवि शेखावत ने बताया कि एल्युमिनियम मिली चांदी खाने से मल्टी ऑर्गन पर इफेक्ट पड़ता है। ज्यादा मात्रा में सेवन करने से फूड पॉइजनिंग, उल्टी और दस्त हो सकते हैं। लिवर और किडनी पर असर पड़ता है। अल्जाइमर होने का खतरा रहता है। बच्चों की याद्दाश्त पर भी गहरा असर पड़ता है। सबसे ज्यादा प्रभाव थायराइड के मरीजों पर असर पड़ता है।










