
पिछले ढाई साल में एक कंपनी से 40 कॉटेज, विला खरीदने के मामले में विवादों में आए आईएएस शिखर अग्रवाल को सरकार ने देर रात एपीओ कर दिया है।
शिखर अग्रवाल उद्योग, सूक्ष्म, लघु मध्यम उद्यम विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव और दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर विशिष्ट क्षेत्र विकास प्राधिकरण, रीको के अध्यक्ष, निवेश संवर्धन ब्यूरो, राजस्थान के अध्यक्ष भी थे।
कार्मिक विभाग ने देर रात आदेश जारी कर अग्रवाल को इन सब पदों से हटा दिया। दैनिक भास्कर ने 27 अक्टूबर आईएएस शिखर अग्रवाल, आईपीएस पत्नी प्रशाखा माथुर, दोनों बेटों और सास-ससुर के एक ही कंपनी से 40 कॉटेज विला खरीदने का खुलासा किया था।

जिस कंपनी से विला- कॉटेज खरीदे उसे ही लीज पर दिए
आईएएस शिखर अग्रवाल, आईपीएस पत्नी प्रशाखा माथुर और परिवार ने गोयल फैशंस प्राइवेट लिमिटेड से अलवर के अजबगढ़ में 20 विला और उदयपुर के बुझड़ा में 20 कॉटेज खरीदे थे।
सभी को खरीदने में 6 करोड़ 16.5 लाख रुपए खर्च हुए। खरीद के साथ ही ये सभी विला-कॉटेज उसी कंपनी को लीज पर दे दिए, जिससे खरीदे थे।
बुझड़ा के 20 कॉटेज 4 लाख प्रति कॉटेज और अजबगढ़ के 20 विला 5 लाख रुपए प्रति विला सालाना के हिसाब से कंपनी को लीज पर दिए। यानी हर साल लीज से मिलने वाली रकम 1.80 करोड़ रुपए है।

यह बुझड़ा (उदयपुर) में अनंता रिसॉर्ट है। इस रिसॉर्ट में शिखर और प्रशाखा के नाम 10-10 कॉटेज हैं।
अलवर वाले कॉटेज विला का प्रॉपर्टी रिटर्न में ब्यौरा नहीं
अलवर और अजबगढ वाले विला की सालाना प्रोपर्टी रिटर्न में जानकारी नहीं दी गई है। हालांकि शिखर अग्रवाल ने दावा किया था कि उनकी तरफ से पूरा ब्यौरा प्रोपर्टी रिटर्न में दिया गया, लेकिन विभाग ने रिकॉर्ड में अपडेट नहीं किया।

उसी दिन कंपनी को पैकेज देने के आदेश
शिखर अग्रवाल ने जिस कंपनी से कॉटेज विला खरीदे, मार्च 2026 में जिस दिन अलवर वाले विला खरीदने की रजिस्ट्री हुई उसी दिन वित्त विभाग ने उस कंपनी को राजस्थान निवेश प्रोत्साहन नीति (रिप्स) के तहत कस्टमाइज्ड पैकेज देने के आदेश जारी किए थे। इसके तहत सभी तरह के टैक्स से छूट का लाभदेने सहित कर्मचारियों के वेतन तक पर सब्सिडी का प्रावधान है।









