
तालेड़ा के सुवासा गांव में फसल अवशेष प्रबंधन पर जागरूकता कार्यशाला हुई। ‘आई टी सी मिशन सुनहरा कल’ परियोजना के तहत सर्व मंगल ग्रामीण विकास संस्थान ने इसे आयोजित किया। मकसद किसानों को अवशेषों के सही प्रबंधन, मिट्टी की सेहत और पर्यावरण के अनुकूल खेती के तरीकों के बारे में जागरूक करना था।
इसमें मैनेजर हिम्मत सिंह, हब इंचार्ज रणवीर सिंह, देवव्रत, कृषि विभाग से ऐओ रोडूलाल, जॉइंट डायरेक्टर राजेश शर्मा, डायरेक्टर महेश चौधरी, डॉ. घनश्याम मीणा, कोटा से दीपेंद्र सिंह, विवेक पांडेय और सुशील शर्मा जैसे कृषि विशेषज्ञ शामिल हुए।
विशेषज्ञों ने फसल अवशेष जलाने के नुकसान, मिट्टी के सूक्ष्मजीवों पर बुरे असर और वायु प्रदूषण की समस्या बताई। उन्होंने अवशेषों को खेत में मिलाने, जैविक पदार्थ बढ़ाने व नमी बनाए रखने के वैज्ञानिक तरीके अपनाने पर जोर दिया।
इससे मिट्टी की सेहत सुधरेगी व टिकाऊ खेती को बढ़ावा मिलेगा। किसानों को मार्स ऐप की जानकारी भी दी गई, जिससे वे मौसम, फसल प्रबंधन और बाजार भाव की सलाह ले सकते हैं।








